मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर योजनाबद्ध तरीके से अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में किसी भी तरह की कट्टर सोच को बढ़ने नहीं दिया जाएगा। देवभूमि की पवित्रता और उसके मूल स्वरूप को सुरक्षित रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ-साथ उनका व्यक्तिगत संकल्प भी है।