मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिलों को मतदाता प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन का कार्य जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं को ‘अनकलेक्टेबल’ श्रेणी में चिन्हित किया गया है, उनका एक बार फिर से सत्यापन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम अनावश्यक रूप से प्रभावित न हो।
प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत जिन मतदाताओं के गणना प्रपत्र अभी तक जमा नहीं हो सके हैं, उनका दोबारा सत्यापन कराया जाएगा। यह निर्देश मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने सभी जिलाधिकारियों के साथ आयोजित वर्चुअल समीक्षा बैठक में दिए।
बैठक के दौरान उन्होंने सभी जिलों को प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन का कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि ‘अनकलेक्टेबल’ श्रेणी में चिन्हित मतदाताओं का एक बार फिर सत्यापन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का रिकॉर्ड छूटने न पाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन जिलों में डिजिटाइजेशन का काम लगभग पूरा हो चुका है, वहां मतदान केंद्रों के पुनर्गठन की तैयारियां शुरू कर दी जाएं। इसके अलावा जिला निर्वाचन पदाधिकारी (डीईओ) और निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) को एएसडी सूची की बूथवार स्वयं समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में 99 प्रतिशत से अधिक एसआईआर गणना प्रपत्रों का वितरण किया जा चुका है। वहीं, प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन का कार्य 92 प्रतिशत से अधिक पूरा हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, अल्मोड़ा और चंपावत जिलों में एसआईआर गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया शत-प्रतिशत पूरी कर ली गई है।