मुख्यमंत्री की इस पहल के तहत पिछले वर्ष दिसंबर में 45 दिनों तक ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान संचालित किया गया था। इस अभियान में पांच लाख से अधिक लोगों ने सक्रिय भागीदारी निभाई थी। अब मुख्यमंत्री के रूप में पुष्कर सिंह धामी के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर इस अभियान को एक बार फिर शुरू किया जा रहा है।
जन समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से धामी सरकार एक बार फिर ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर चार जुलाई से 15 दिनों तक विशेष अभियान संचालित किया जाएगा। इसके तहत जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी मौके पर ही लोगों की शिकायतें सुनकर उनके निस्तारण की कार्रवाई करेंगे।
मुख्यमंत्री धामी का स्पष्ट उद्देश्य है कि आम लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। इसी सोच के तहत अधिकारी और कर्मचारी स्वयं जनता के बीच पहुंचकर शिकायतों का समाधान करेंगे। इससे पहले दिसंबर 2025 में इसी पहल के तहत 45 दिवसीय ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान चलाया गया था, जिसमें पांच लाख से अधिक लोगों ने भागीदारी की थी। अब मुख्यमंत्री के रूप में धामी के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर इस अभियान का दूसरा चरण शुरू किया जा रहा है, जिसकी शुरुआत चार जुलाई से होगी।
सरकारी सेवाएं लोगों तक बिना अनावश्यक भागदौड़ के पहुंचें, यही सुशासन का मूल उद्देश्य है। इसी सोच के तहत राज्य के सभी जिलों में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान का दूसरा चरण शुरू किया जा रहा है। अभियान के सफल संचालन के लिए सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्धारित शिविरों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।