जम्मू कश्मीर के कुलगाम की नसीरा कोई विज्ञानी नहीं है, न ही उन्होंने विज्ञान में उच्च शिक्षा प्राप्त की है। कुलगाम को महिलाओं की साक्षरता के मामले में पिछड़ा जिला माना जाता है। वह इसी जिले के कनीपोरा में रहती है। दो बेटियों की मां नसीरा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में कुछ सालों से काम कर रही है, लेकिन प्लास्टिक नष्ट करने वाला क्या बनाया जाए इस पर उन्होंने 21-22 साल पहले मंथन शुरू किया। 14 साल पहले वह कामयाब हो गयी। वह अलग अलग किस्म की चीजों को प्लास्टिक पर डाल कर जलाती थी। फिर एक दिन प्लास्टिक को जलाया तो देखा कि उसकी राख बन गयी। इस फार्मूले के जरिए वह अब पालिथीन को राख बदल देती हैं, जिससे पालिथीन बायोडिग्रडेबल हो जाती है।
इस सफलता के लिए पिछले दिनों महिला दिवस के मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन में उन्हें नारी शक्ति पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।