
नरेशरोहिला
रविवार की शाम चैंपियनों की तरह खेली आस्ट्रेलिया की टीम को एक बार फिर क्रिकेट का विश्व चैम्पियन बना गयी जबकि भारतीय टीम का सपना चकनाचूर हो गया। ट्रेविस हेड की कमाल की शतकीय पारी और लेम्बूशेन का शानदार अर्धशतक आस्ट्रेलिया के लिए संजीवनी बन गया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में विश्व कप क्रिकेट का फाइनल मैच आज भारत और आस्ट्रेलिया के बीच खेला गया। भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को यह उम्मीद थी कि पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाने वाली भारतीय टीम आज भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी लेकिन आज शायद आस्ट्रेलिया का दिन था। आस्ट्रेलियाई कप्तान ने टास जीतकर भारत को पहले बैटिंग करने का न्योता दिया। भारतीय टीम ने अच्छी शुरूआत की और तेजी से रन बनाए लेकिन जल्द ही पहले कप्तान रोहित शर्मा और फिर विराट कोहली का विकेट गिरने के बाद भारतीय टीम बहुत बड़ा स्कोर खडा नहीं कर सकी। भारत ने 50 ओवर में 240 रन बनाए। आस्ट्रेलिया के लिए यह आसान लक्ष्य रहा और उसने चार विकेट खोकर 50 ओवर खत्म होने से पहले ही इसे हासिल कर लिया।
हालांकि आस्ट्रेलिया के तीन खिलाडी जल्द आउट हो गए और तब लगा था कि भारतीय टीम आस्ट्रेलिया की पारी को जल्द समेट देगी लेकिन ट्रेविस हेड और लेम्बूशेन की जोडी ने भारतीय खिलाड़ियों के भ्रम को तोड़कर रख दिया। भारतीय गेंदबाजी आखिर तक इस जोडी की साझेदारी को तोड़ने में नाकाम रही। फाइनल मुकाबले में जिस धैर्य के साथ खेलकर लक्ष्य की ओर बढने की जरूरत थी इन दोनों खिलाड़ियों ने वैसा ही प्रदर्शन किया। दोनों रन बनाने का कोई मौका चूक नहीं रहे थे। विकेटों के बीच दौडकर और मौका मिलते ही चौके – छक्के के जरिए रन बटोरते रहे। अकेले ट्रेविस हेड 120 गेंद में 137 रन की गजब की पारी खेली। जबकि लेम्बूशेन ने 102 गेंद में 57 रन की बेहद ही सधी हुई पारी खेली। ट्रेविस ने बाद में धुंआधार चौके छक्के जडे। वे 137 रन बनाकर सिराज की गेंद पर आउट हुए। उनके बाद आए मैक्सवेल की बेट से आस्ट्रेलिया के लिए जीत का रन निकला और आस्ट्रेलिया फिर विश्व कप चैंपियनशिप बन गया। इससे पहले वह पांच बार विश्व कप विजेता रह चुका है और अगले चार साल के लिए फिर से उसे विश्व चैम्पियन होने का तमगा मिल गया।
भारतीय टीम और प्रशंसक आज बेहद निराश नजर आए। कप्तान रोहित शर्मा, विराट कोहली, सिराज, शमी सभी फाइनल मुकाबला हारने के बाद भावुक नजर आए। स्टेडियम में बैठे लाखों दर्शक और टेलीविजन पर मैच देख रहे करोड़ों प्रशंसक निराश हुए। प्रशंसकों ने बडे स्तर पर इमोशनल इंवेट के आयोजन की तैयारियां की हुई थी लेकिन टीम की पराजय से वह धरी की धरी रह गयी।
भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन क्रिकेट खेली। आज भी उसने अपनी ओर बेहतर प्रदर्शन की कोशिश की लेकिन सही मायने फाइनल में जिस तरह का खेल दिखाने की कोशिश होनी चाहिए थी, वह नहीं दिखी। अपनी पारी में विराट कोहली और केएल राहुल ने अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन फाइनल मुकाबला जीतने के लिए जिस सामूहिक और बेहतरीन प्रदर्शन की आवश्यकता थी वह आज नजर नहीं आया। बहरहाल जो जीता वही सिंकदर और आज का सिंकदर आस्ट्रेलिया रहा।