
यूक्रेन ओर रूस में चल रहे युद्ध को लगभग एक महीने से ऊपर हो गया। अब तक इसका कोई हल नही निकला है, और ना ही जल्द निकलने के कोई आसार दिखाई दे रहे। हालांकि युद्ध दो देशों के बीच चल रहा है लेकिन इसका असर पूरी दुनिया के देशों पर किसी ना किसी रूप में पड़ रहा है, लेकिन क्या इसका कोई हल नही निकल सकता। जब भी कभी दो पक्षो में कोई वाद विवाद होता है तो कोई तीसरा पक्ष ही बीच में आकर मामले शांत कराता है, फिर वो चाहे घर का वाद हो या बाहर का, तो क्या इन दोनों देशों के बीच कोई देश जाकर समझौता नही करा सकता। अगर नही करा सकता तो ऐसा कोई विकल्प तैयार किया जाना चाहिए जिससे इस तरह के मामले में समझौता कराया जा सके।
वही दूसरी तरफ यह बात मानवता को भी शर्मसार करने वाली है कि जब देशों में सुविधाएं थी तो सारे लोग अपने अपने देश को छोड़ कर जो सुविधाएं वहाँ मिल रही थी उनको भोगने के लिए उन देशों में चले दिए और जब देश में संकट आया तो छोड़ छाड़ कर अपने अपने देश वापस आ गए।
दोनों देशो के रक्षक ही अपने देश के लोगों के लिए भक्षक बन गए। जब सुविधा लेने के लिए हर देश के लोग वहाँ जा सकते है तो क्या आज उन देशो की जिम्मेदारी नही बनती कि जो युद्ध इन देशों में चल रहा है वो किसी भी तरह रुक जाना चाहिए।
दुनिया में जितने भी देश है उन सब के लिए भी कानून बनने चाहिए, जैसे हर देश मे कुछ नियम कानून होते है। उसके नागरिक उसका नियम का पालन करके ही अपना जीवन व्यतीत करते है, सबके लिए हाईकोर्ट, सुप्रीमकोर्ट बने हुए है, तो इसी प्रकार दुनिया में इन देशों के लिए भी इस तरह की कोर्ट बनी होनी जरूरी है जिससे कोई भी देश इस तरह की मनमानी ना कर सके। कोई वाद- विवाद हो तो उसको हल किया जा सके। इस तरह आम आदमी को हमलों का निशाना ना बनने पड़े, जबकि ना उनकी कोई गलती, ओर ना ही इन देशों के बड़े – बड़े मुद्दों में उनकी राय ली जाती है तो उनको नुकसान भी नही पहुंचना चाहिए। इन मुद्दों को अलग तरह ही से सुलझाना चाहिए।
🔵 अंबेहटा पीर (सहारनपुर ) उप्र