
देहरादून । अंकिता भंडारी मामले में दोषियों को कड़ी सजा दिलाए जाने और विधानसभा सहित विभिन्न विभागों में बैकडोर से हुई भर्तियों की सीबीआई जांच की मांग को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल 2 अक्टूबर को प्रदेश बंद रखेगा।
उक्रांद के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील ध्यानी ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना से लेकर ही प्रदेश में बारी – बारी से सत्ता में रहने वाले राजनीतिक दलों कांग्रेस और भाजपा ने किस तरह से भ्रष्टाचार फैला रखा है और भाई भतीजावाद को बढावा दिया है, विधानसभा में बैकडोर से की गयी सैंकड़ों नियुक्तियां इसका जीता जागता प्रमाण है। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार में देवभूमि की बहु बेटियों की इज्जत भी सुरक्षित नहीं है। अंकिता भंडारी हत्याकांड से यह भी स्पष्ट हो गया है। उन्होंने कहा राज्य में बहू-बेटियों के खिलाफ अत्याचार दुराचार के मामले लगातार बढ रहे हैं। पिछले 20 वर्षों में देवभूमि की बहू-बेटियों के खिलाफ हुए अत्याचार के करीब 4 हजार से अधिक मामले विभिन्न थाना चौकियों में दर्ज हुए हैं लेकिन शायद ही किसी मामले में उचित कार्रवाई हुई हो।
उन्होंने कहा उक्रांद पिछले एक महीने से अधिक समय से बैकडोर से की गयी भर्तियों के खिलाफ घंटाघर पर धरना दे रहा है और अब दल ने अपनी मांगों में अंकिता भंडारी मामले में दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग जोड दी है। उक्रांद के प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री ध्यानी ने बताया कि उत्तराखंड क्रांति दल दोनों मामलों को लेकर 2 अक्टूबर को प्रदेश भर में बंद का आयोजन करेगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद आवश्यक होने पर घंटाघर स्थित चल रहे धरने को आमरण अनशन में बदला जाएगा।