देहरादून: आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा ने संगठन और सरकार के लिए अगले दो महीनों का एक्शन प्लान तैयार किया है। दिल्ली में हुई भाजपा कोर कमेटी की बैठक में विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने और जनता की समस्याओं के समाधान पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए गए।
2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा जिन 23 सीटों पर जीत हासिल नहीं कर पाई थी, उन क्षेत्रों पर भी विशेष फोकस रहेगा। पार्टी अगले छह महीनों तक इन सीटों पर संगठन को मजबूत करने और जनता तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाने का अभियान चलाएगी।
मानसून के दौरान विषम परिस्थितियों को देखते हुए विधायक अपने क्षेत्रों में रहकर लोगों की जरूरतों और परेशानियों का जायजा लेंगे। साथ ही स्थानीय चुनावी वादों को जमीन पर उतारने के लिए विधायक सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय के संपर्क में रहेंगे, ताकि जनता की आवश्यकताओं और समस्याओं का जल्द समाधान किया जा सके। भाजपा की रणनीति में संगठन के कोर वोटर और पुराने कार्यकर्ताओं को साथ बनाए रखना भी प्रमुख मुद्दा है। पार्टी ऐसे कार्यकर्ताओं तक पहुंच बनाने की तैयारी कर रही है, जो किसी कारण से खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
अगले दो महीनों में संगठन के विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने पर जोर रहेगा। विधायकों और संगठन पदाधिकारियों की गतिविधियों पर संघ की ओर से भी निगरानी रखी जाएगी। आगामी चुनाव को देखते हुए भाजपा का जनसंपर्क अभियान जातिगत समीकरणों के बजाय अलग-अलग सामाजिक वर्गों पर केंद्रित रहेगा। महिलाओं को पार्टी से जोड़ने के लिए विशेष कार्यक्रम किए जाएंगे।
सितंबर से अग्निवीरों का पहला बैच सेवा पूरी कर वापस लौटना शुरू करेगा। ऐसे में सरकार अग्निवीर सेल के जरिए उन्हें रोजगार से जोड़ने की संभावनाओं पर काम करेगी। बड़ी संख्या में मौजूद पूर्व सैनिकों को ध्यान में रखते हुए पार्टी उनके लिए भी नई रणनीति तैयार कर रही है।
भाजपा की रणनीति का मुख्य उद्देश्य अगले कुछ महीनों में जनता से सीधा संवाद, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और सरकार की योजनाओं की पहुंच को मजबूत करना है।