दूध में खुले रूप से बर्फ का इस्तेमाल न करने के निर्देश
एसके विरमानी / ऋषिकेश। कांवड़ मेले और चारधाम यात्रा के मद्देनजर उपायुक्त, लैब आरएस कठैत के नेतृत्व में एफडीए के सहयोग से मोबाइल खाद्य विश्लेषण शाला के जरिए ऋषिकेश बस स्टैंड और बाजार में विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने उनकी जांच की गयी। इस दौरान कुल 61 नमूने लिए गए। इनमें दूध, दही, पनीर, मावा के 39, दुग्ध निर्मित मिठाईयों के 18, मसाले अन्य खाद्य पदार्थों के चार नमूने लेकर उनकी जांच की गयी। जांच के दौरान दूध के नमूनों में पानी की मात्रा मानक से अधिक पायी गयी। डेयरी संचालकों का कहना है कि दूध को फटने से बचाने के लिए बर्फ का इस्तेमाल किया जाता जो कुछ मात्रा दूध में मिल जाता है। भविष्य दूध में खुले रूप में बर्फ का इस्तेमाल न करने के निर्देश दिए गए। कुछ मसालों आदि खाद्य पदार्थों में में स्टार्च की मात्रा पायी गयी।
अभियान में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी ऋषिकेश संजय तिवारी, कनिष्ठ खाद्य विश्लेषक कुलवंत सिंह, उपायुक्त गढवाल मंडल आरएस रावत , वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी देहरादून योगेंद्र पाण्डेय आदि शामिल रहे।
