उत्तराखंड में निजी स्कूलों की मनमानी पर लगेगी लगाम, शिक्षा मंत्री ने दिए सख्त निर्देश

प्रदेश में निजी विद्यालयों द्वारा मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने और छात्रों को विशेष दुकानों से किताबें खरीदने के लिए मजबूर करने की बढ़ती शिकायतों को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इस संबंध में तत्काल कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा है कि ऐसे मामलों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

टोल-फ्री नंबर से होगी निगरानी
शिक्षा मंत्री ने शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती को निर्देश दिए हैं कि एक टोल-फ्री नंबर जारी किया जाए, जिससे अभिभावक अपनी शिकायतें सीधे दर्ज करा सकें। इस नंबर पर दर्ज शिकायतों की शिक्षा विभाग द्वारा जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

फीस वृद्धि पर सख्ती
मंत्री डॉ. रावत ने स्पष्ट किया कि कोई भी निजी विद्यालय तीन साल तक फीस नहीं बढ़ा सकता, यह नियम पहले से ही लागू है। यदि किसी भी स्कूल में फीस, किताबों या यूनिफॉर्म को लेकर मनमानी की शिकायत मिलती है, तो विभाग कठोर कार्रवाई करेगा।

जिला स्तर पर भी मिल सकती है मदद
शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि अभिभावक जिले के मुख्य शिक्षा अधिकारी (C.E.O.) या जिला शिक्षा अधिकारी (D.E.O.) से सीधे संपर्क कर सकते हैं। विभाग ने सभी अधिकारियों को ऐसे मामलों में तत्काल सुनवाई और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

शिक्षा मंत्री का बयान:
“बच्चों की शिक्षा को व्यावसायिक लाभ का साधन नहीं बनने दिया जाएगा। सरकार अभिभावकों और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। जो स्कूल नियमों का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।”

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