ऋषिकेश में बैंक से धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, नकली ज्वैलरी पर गोल्ड लोन लेने की कोशिश

ऋषिकेश में आईसीआईसीआई बैंक से धोखाधड़ी करने की कोशिश करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने नकली ज्वैलरी के बदले गोल्ड लोन लेने की कोशिश की थी, लेकिन बैंक के एक्सपर्ट द्वारा जांच करने पर यह मामला खुल गया।

बैंक शाखा के प्रबंधक रमन सचदेवा ने कोतवाली ऋषिकेश में एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने बताया कि 13 फरवरी को सुरेन्द्र और सन्तोष जनक नामक दो व्यक्ति बैंक शाखा में आए और ज्वैलरी (दो कंगन, एक जोड़ी झुमकी, और एक ब्रेसलेट) के बदले गोल्ड लोन लेने का प्रयास किया। जब बैंक के गोल्ड लोन एक्सपर्ट हिमान्शु रस्तोगी ने ज्वैलरी की जांच की, तो वह नकली पाई गई।

इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और यह सामने आया कि आरोपियों ने पहले भी धोखाधड़ी की थी। सुरेन्द्र ने बैंक से 3,36,000 रुपये और सन्तोष जनक ने 8,03,175 रुपये का लोन नकली सोने पर पहले भी लिया था। इस पर कोतवाली ऋषिकेश में धोखाधड़ी का मामला पंजीकृत किया गया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रभारी निरीक्षक ऋषिकेश को दिशा-निर्देश दिए। पुलिस ने सुरागरसी और पतारसी के जरिए जानकारी जुटाई और 13 फरवरी 2025 को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ के दौरान, अभियुक्त सन्तोष जनक ने पुलिस को बताया कि वह आगरा में गाइड का काम करता था और उसकी मुलाकात राजेंद्र नामक अभियुक्त से हुई थी, जो लेबरी का काम करता था। उन्होंने पहले भी नकली ज्वैलरी से गोल्ड लोन लिया था। इस बार भी दोनों आरोपी नकली ज्वैलरी के जरिए लोन लेने के लिए बैंक में आए थे। पुलिस अब अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है।

पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई और बैंक के कर्मचारियों की सतर्कता के कारण इस धोखाधड़ी की कोशिश नाकाम हो गई, और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

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