: 38वें राष्ट्रीय खेलों के भव्य समापन के बाद, अब मेघालय की बारी है। वर्ष 2027 में इन खेलों की मेज़बानी करने वाले पूर्वोत्तर राज्य मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 39वें राष्ट्रीय खेलों का ध्वज सौंपा। इस अवसर पर गृह मंत्री ने यह घोषणा की कि खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मेघालय के साथ-साथ पूर्वोत्तर के अन्य छह राज्यों में भी राष्ट्रीय खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
38वें राष्ट्रीय खेलों का शानदार समापन
38वें राष्ट्रीय खेलों का समापन बीते शुक्रवार को गौलापार स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स स्टेडियम में हुआ। इस दौरान देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, हल्द्वानी और रुद्रपुर सहित अन्य शहरों में लगभग 32 खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इन खेलों में सर्वाधिक 121 पदक सर्विसेज टीम ने जीते, जिनमें 68 स्वर्ण, 26 रजत और 27 कांस्य पदक शामिल हैं। महाराष्ट्र ने दूसरा और हरियाणा ने तीसरा स्थान हासिल किया। उत्तराखंड ने 103 पदकों के साथ 7वां स्थान प्राप्त किया, जिसमें 24 स्वर्ण, 35 रजत और 44 कांस्य पदक शामिल हैं।
ध्वज सेरेमनी और रंगारंग कार्यक्रम
समापन समारोह के दौरान एक भव्य ध्वज सेरेमनी का आयोजन भी किया गया, जिसमें खेल ध्वज को भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी ऊषा ने प्राप्त किया। इसके बाद, यह ध्वज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सौंपा गया, जिन्होंने इसे 2027 में राष्ट्रीय खेलों की मेज़बानी करने वाले मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा को सौंपा। इस महत्वपूर्ण अवसर पर खेल प्रेमियों और अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक समारोह में भाग लिया।
भारत बनेगा स्पोर्ट्स हब: मांडविया
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने समापन समारोह में कहा कि उत्तराखंड ने राष्ट्रीय खेलों का सफलतापूर्वक आयोजन करके यह संदेश दिया है कि देवभूमि अब खेलभूमि भी बन गई है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में आयोजित राष्ट्रीय खेलों में देशभर के खिलाड़ियों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हुई और राज्य ने पूरे देश में वाहवाही भी बटोरी है।
मांडविया ने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में भारत खेलों का हब बनेगा, और इस यात्रा की शुरुआत उत्तराखंड से हो चुकी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि 2036 के ओलंपिक में भारत उच्च शिखर पर होगा और साथ ही, सभी खिलाड़ियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और पदक जीतने के लिए बधाई दी। मांडविया ने यह भी कहा कि खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से यह साबित होता है कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उभरने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं, और देश में अब राष्ट्रीय खेलों का एक बेहतरीन माहौल बन चुका है।
आगे की राह: 39वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारी
अब, मेघालय के लिए 39वें राष्ट्रीय खेलों की मेज़बानी का अवसर आ गया है। इस साल की खेलों के सफल आयोजन ने यह साबित कर दिया कि भारत में खेलों को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय स्तर पर उच्चतम गुणवत्ता के आयोजन की क्षमता है। अब मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा के नेतृत्व में यह खेल आयोजनों का सिलसिला और भी अधिक व्यापक हो सकता है, जिससे पूर्वोत्तर क्षेत्र में खेलों के विकास को नया प्रोत्साहन मिलेगा।