उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा को और अधिक सुविधाजनक और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। चारधाम यात्रा के पारंपरिक प्रवेश द्वार हरिद्वार में ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप की तर्ज पर एक आधुनिक सुविधा केंद्र विकसित किया जाएगा, जहां तीर्थयात्रियों को पंजीकरण से लेकर ठहरने और स्वास्थ्य जांच तक की सभी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।
नगर निगम को भूमि चिन्हित करने के निर्देश
सरकार ने नगर निगम हरिद्वार को उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद पर्यटन विभाग, नगर निगम से भूमि लेकर इस योजना को क्रियान्वित करेगा। वहीं, प्रवर्तन दल और पुलिस विभाग भी इस व्यवस्था के संचालन में प्रमुख भूमिका निभाएंगे। योजना का उद्देश्य यात्रियों को एक स्थान पर पंजीकरण, ठहराव, भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं और यात्रा संबंधी जानकारी प्रदान करना है।
श्रद्धालुओं को मिलेंगी ये सुविधाएं
ऑफलाइन पंजीकरण और टोकन वितरण
स्वास्थ्य जांच, अस्पताल और मुफ्त दवाएं
वातानुकूलित प्रतीक्षालय और डोरमेट्री
मनोरंजन हेतु टीवी, समाचार पत्र-पत्रिकाएं
स्नानघर और स्वच्छ शौचालयों की व्यवस्था
सात्विक भोजन हेतु कैंटीन सुविधा
हरिद्वार से ही यात्रा की शुरुआत संभव
अब तक अधिकतर तीर्थयात्रियों को पंजीकरण के लिए ऋषिकेश तक जाना पड़ता था, जिससे यात्रा की शुरुआत में ही उन्हें असुविधा होती थी। नई व्यवस्था के तहत यात्री हरिद्वार से ही पंजीकरण कर यात्रा शुरू कर सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और अनावश्यक आवाजाही भी कम होगी। साथ ही, प्राइवेट टैक्सी चालकों द्वारा मनमाने किराए की वसूली पर भी रोक लगेगी।
निगरानी और शुल्क की पारदर्शिता
यात्रा की व्यवस्था पर आरटीओ प्रशासन और पर्यटन विभाग की निगरानी होगी। यात्रियों को यात्रा के लिए निर्धारित शुल्क पर ही सुविधाएं मिलेंगी, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
भूमि चयन की प्रक्रिया प्रारंभ
मुख्य नगर आयुक्त वरुण चौधरी ने जानकारी दी कि भूपतवाला क्षेत्र में एक पार्किंग स्थल और उसके संबंधित खसरा नंबर को चिन्हित किया गया है। उन्होंने बताया कि, “जैसे ही शासन से निर्देश मिलेंगे, प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। रिपोर्ट जल्द ही शासन को भेजी जाएगी।”