उत्तराखंड के चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत ने राज्य सरकार द्वारा धार्मिक मामलों को पर्यटन विभाग के अधीन किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। महापंचायत ने राज्य सरकार के निर्णय को धार्मिक मामलों से जुड़ी परंपराओं और मान्यताओं के विपरीत बताते हुए इसे पूर्ववत बनाए रखने की मांग की है। साथ ही, महापंचायत ने आगामी चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों की संख्या सीमित करने के फैसले का भी विरोध करने का निर्णय लिया है।
यह बैठक बीते शुक्रवार को देहरादून के एक होटल में महापंचायत के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में आगामी चारधाम यात्रा और अन्य धार्मिक मुद्दों पर गहन चर्चा की गई। महापंचायत के सदस्योंने प्रदेश सरकार के हालिया फैसलों पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए अपनी चिंताएं व्यक्त कीं।
धार्मिक मामलों को पर्यटन विभाग के अधीन किए जाने पर आपत्ति
महापंचायत ने प्रदेश सरकार द्वारा धर्मस्व विभाग को पर्यटन विभाग में मर्ज किए जाने पर कड़ी आलोचना की। महापंचायत ने इस फैसले को धार्मिक मामलों के प्रति सरकार की संवेदनहीनता और लापरवाही बताया और मांग की कि धार्मिक मामलों को पर्यटन विभाग से अलग रखा जाए। उनका कहना था कि धार्मिक प्रबंधन और तीर्थ स्थलों की देखरेख की जिम्मेदारी विशेष रूप से धार्मिक विशेषज्ञों और पंढितों को सौंपनी चाहिए, न कि पर्यटन विभाग को।
चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों की संख्या सीमित करने का विरोध
इसके साथ ही महापंचायत ने राज्य सरकार द्वारा चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों की संख्या सीमित करने के निर्णय का भी विरोध किया। उनका कहना है कि यह निर्णय तीर्थ यात्रियों के धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन है और इससे चारधाम यात्रा का महत्व और श्रद्धालुओं की सुविधा प्रभावित होगी। महापंचायत ने इस फैसले को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग की है।
केदारनाथ हेली सेवा की अनियमितताओं पर विरोध
महापंचायत ने केदारनाथ हेली सेवा कंपनियों की अनियमितताओं पर भी विरोध व्यक्त किया। महापंचायत के सदस्यों ने सरकार से इन कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की। उन्होंने विजिलेंस कार्यालय स्थापित करने की मांग भी की, ताकि हेली सेवा कंपनियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा सके।
यमुनोत्री धाम में सुरक्षा दीवार निर्माण पर जोर
महापंचायत ने यमुनोत्री धाम में सुरक्षा दीवार के निर्माण कार्य को शीघ्र प्रारंभ करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि तीर्थस्थल की सुरक्षा के मद्देनजर यह कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसे प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
महापंचायत के सदस्य
बैठक में महापंचायत के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल, महासचिव डॉ. बृजेश सती, केदार सभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, उपाध्यक्ष संतोष त्रिवेदी, यमुनोत्री मंदिर समिति के उपाध्यक्ष सुनील प्रसाद उनियाल, संरक्षक ज्योति प्रसाद उनियाल, ब्रह्म कपाल तीर्थ पुरोहित पंचायत समिति के अध्यक्ष उमेश सती, बदरीनाथ के अध्यक्ष प्रवीण ध्यानी, महासचिव राजेंद्र प्रसाद तिवारी, युवा पुरोहित संगठन बदरीनाथ के सचिव गौरव पंचभैया और व्यापार सभा केदारनाथ के अध्यक्ष चंडी प्रसाद तिवारी सहित कई प्रमुख सदस्य मौजूद थे।