उत्तराखंड के तीन लाख से अधिक सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को बड़ी राहत मिल रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने कर्मचारियों के लिए पदोन्नति में पूरे सेवाकाल में एक बार छूट देने का फैसला लिया है। इसके तहत अब कर्मचारियों को पदोन्नति के लिए किसी समय-सीमा का पालन नहीं करना होगा और 50 प्रतिशत तक छूट का लाभ मिलेगा। इसके अलावा, सरकार ने कर्मचारियों के लिए यूनिफाइड पेंशन योजना (यूपीएस) लागू करने का भी निर्णय लिया है, जो एक अप्रैल से राज्य में लागू होगी और यह वैकल्पिक होगी।
मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना
धामी कैबिनेट ने मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना को मंजूरी दी है, जो प्रदेश की अविवाहित, परित्यक्ता, तलाकशुदा, निराश्रित और विकलांग एकल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मदद करेगी। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को अधिकतम दो लाख रुपये की सहायता मिलेगी, जिसमें 75 प्रतिशत राशि सब्सिडी के रूप में प्रदान की जाएगी। महिलाओं को सिर्फ 25 प्रतिशत राशि अपने व्यवसाय में निवेश करना होगा। पहले वर्ष में दो हजार महिलाओं को लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
नई आबकारी नीति
कैबिनेट ने नई आबकारी नीति को भी मंजूरी दे दी है। इसके तहत धार्मिक क्षेत्रों के निकट शराब की दुकानों को लाइसेंस नहीं मिलेगा, और शराब की दुकानों पर ओवर रेटिंग होने पर लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। इसके अलावा, डिपार्टमेंटल स्टोर्स पर एमआरपी लागू होगी। पर्वतीय क्षेत्रों में फलों से शराब बनाने की फैक्ट्री लगाने वालों को 15 साल तक आबकारी शुल्क में छूट दी जाएगी। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 5060 करोड़ रुपये के राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति की योजना बनाई गई है।
ट्राउट प्रोत्साहन योजना
प्रदेश में ट्राउट मछली के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने ट्राउट प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी है। यह योजना 200 करोड़ रुपये की है और ट्राउट फार्मिंग करने वाले किसानों को पांच साल तक प्रोत्साहन मिलेगा। इसके तहत किसानों को रेसवेज, डीप फ्रीजर, आइस बॉक्स, ट्राउट हैचरी जैसी सुविधाएं सब्सिडी पर दी जाएंगी।
उत्तराखंड आंदोलन और सांस्कृतिक विरासत का इतिहास
मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि राज्य के स्कूलों में उत्तराखंड आंदोलन और सांस्कृतिक विरासत का इतिहास पढ़ाया जाएगा। कक्षा 6 से कक्षा 8 तक के छात्रों को ‘हमारी विरासत और विभूतियां’ पुस्तक पढ़ाने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी है।
गन्ने के समर्थन मूल्य में कोई बढ़ोतरी नहीं
इस बार गन्ने के समर्थन मूल्य में कोई वृद्धि नहीं की गई है। सरकार ने अगेती फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य 375 रुपये प्रति क्विंटल और सामान्य फसल का समर्थन मूल्य 365 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है।
अन्य महत्वपूर्ण फैसले
• कक्षा 10 के बाद तीन वर्षीय पॉलिटेक्निक डिप्लोमा करने वालों को कक्षा 12 के समकक्ष माना जाएगा।
• राज्य संपत्ति विभाग के समूह-क व समूह-ख के सेवा नियमावली को मंजूरी।
• पेंशन एवं हकदारी निदेशालय में कनिष्ठ सहायक के 13 पद सृजित।
• स्टाम्प व निबंधन विभाग में पदों में वृद्धि, 213 से बढ़कर 240।
• अपर पुलिस अधीक्षक उच्चतम वेतनमान की नियमावली को मंजूरी।
• उत्तराखंड कारागार सेवा नियमावली को मंजूरी।
इन फैसलों से राज्य के नागरिकों को लाभ मिलेगा और राज्य के विकास में तेजी आएगी।