बैंगलोर की रेडियोलोजिस्ट ने अल्ट्रासाउंड के माध्यम से भ्रूण की विकृतियों के तौर तरीके बताए

एम्स में देशभर के रेडियोलोजिस्ट की दो दिवसीय कार्यशाला 

निदेशक प्रो मीनू सिंह ने तकनीक का दुरुपयोग रोकने को कहा 

देहरादून ।इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन (आईआरआईए), उत्तराखंड स्टेट चैप्टर एवं एम्स ऋषिकेश के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय कार्यशाला विधिवत शुरू हो गई। जिसमें देशभर से डेढ़ सौ से अधिक रेडियोलॉजिस्ट प्रतिभाग कर रहे हैं। कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को रेडियालॉजी व भ्रूण जांच कानून से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी।

शनिवार को मुख्यअतिथि एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर डा. मीनू सिंह ने आईआरआईए की कार्यशाला का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने रेडियोलॉजी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों के आदान प्रदान के लिए आईआरआईए द्वारा कार्यशाला के आयोजन की सराहना की। कहा कि इस तरह के ज्ञानवर्धक व नवीनतम तकनीकि पहलुओं से जुड़े कार्यक्रम नियमित रूप से किए जाने चाहिंए। उन्होंने कहा कि इस तकनीकि का सदुयोग व दुरुपयोग दोनों हो सकते हैं, उन्होंने देशभर से जुटे रेडियोलॉजिस्ट्स से तकनीकि के दुरुपयोग को रोकने की अपील भी की। इस दौरान आईआरआईए के प्रेसिटेंड डा. वीके शर्मा ने कार्यशाला में शिरकत कर रहे प्रतिभागियों का स्वागत किया व कई अन्य बिंदुओं से अवगत कराया। एम्स के रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष ब्रिगेडियर प्रो. सुधीर सक्सैना ने कार्यशाला से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की। बैंगलौर से आए वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट डा. श्रीकृष्णा ने प्रतिभागियों को अल्ट्रासाउंड के माध्यम से भ्रूण की विभिन्न विकृतियों की जानकारी के तौर तरीके बताए। साथ ही उन्हें फीटल ईको की कार्यप्रणाली से अवगत कराया। इसके अलावा डा. श्रीकृष्णा ने मांसपेशियों से जुड़ी विभिन्न तरह की बीमारियों की अल्ट्रासाउंड से जांच के बिंदुओं पर चर्चा की।

कार्यशाला में देहरादून के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. मनोज उप्रैती, एसीएमओ डा. दिनेश चौहान व पीएनडीटी को- ऑर्डिनेटर ममता बहुगुणा ने भ्रूण लिंग जांच संबंधी पीएनबीटी कानून की विस्तृत जानकारियां दी। कार्यशाला में देशभर से 150 से अधिक रेडियोलॉजिस्ट प्रतिभाग कर रहे हैं। इस अवसर पर एम्स की डीन प्रोफेसर जया चतुर्वेदी, एमएस प्रो. संजीव मित्तल, आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो. सुधीर सक्सैना व डा. वीके शर्मा, को-आर्गेनाइजिंग चेयरपर्सन डा. राजीव आजाद, आयोजन सचिव डा. सोनल सरन, डा. राजेंद्र गर्ग, डा. उदित चौहान के अलावा डा. शालिनी सूरी समेत कई फैकल्टी सदस्य मौजूद थे।

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