हल्द्वानी: मानसून के दौरान जलभराव, खुली नहरों और टूटे रास्तों की समस्या से जूझ रहे हल्द्वानी के लिए बड़ी राहत की तैयारी शुरू हो गई है। सिंचाई विभाग ने शहर की जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ₹1,003.42 करोड़ की ड्रेनेज योजना तैयार की है। योजना के पहले चरण में ₹430.23 करोड़ के कार्यों में से ₹195.64 करोड़ की सैद्धांतिक मंजूरी मिली है।
योजना के तहत रकसिया नाले के 10.25 किलोमीटर और कलसिया नाले के 1.55 किलोमीटर हिस्से का सुधार किया जाएगा। नालों की लाइनिंग कर उनकी क्षमता बढ़ाई जाएगी और पानी के रिसाव को रोका जाएगा। साथ ही नालों के ऊपर से गुजर रही बिजली, पानी और अन्य यूटिलिटी लाइनों को भी शिफ्ट किया जाएगा।
शहर के निचले इलाकों में जलभराव रोकने के लिए नए पंपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। पुराने नालों को आपस में जोड़कर बरसाती पानी को सीधे नदी तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की जाएगी। विभाग का कहना है कि इससे जलभराव के साथ-साथ ट्रैफिक जाम और जलजनित बीमारियों की समस्या में भी कमी आएगी।
सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता संजय शुक्ल के अनुसार, शासन से धनराशि उपलब्ध होते ही 6 टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। पहले चरण में उन इलाकों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां हर साल सबसे ज्यादा जलभराव होता है।
कुमाऊं के 15 शहरों के लिए ₹3,394 करोड़ का प्लान
कुमाऊं क्षेत्र में जलभराव और बारिश से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए कुल ₹3,394.22 करोड़ की ड्रेनेज योजना को भी शासन से सैद्धांतिक मंजूरी मिली है। पहले चरण में 15 शहरों और कस्बों में नालों और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा।
हल्द्वानी की योजना ₹1,003.42 करोड़, रुद्रपुर की ₹786.73 करोड़ और काशीपुर की करीब ₹602 करोड़ की है। इसके अलावा सितारगंज, बागेश्वर, पिथौरागढ़, रामनगर, कपकोट, गरुड़, बनबसा और गदरपुर समेत कई क्षेत्रों के लिए भी पहले चरण की राशि स्वीकृत की गई है।
सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता एमसी पांडेय का कहना है कि ड्रेनेज समस्या का समाधान टुकड़ों में किए गए काम से नहीं होगा। उनके मुताबिक काठगोदाम से हल्दूचौड़ तक एक समग्र ड्रेनेज सिस्टम विकसित कर प्रमुख नालों को एक साथ जोड़कर नदी तक पहुंचाना जरूरी है।