बदरीनाथ मंदिर के चढ़ावा चोरी प्रकरण में अब गढ़वाल आयुक्त की जांच समिति की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। समिति ने मंदिर प्रशासन, चढ़ावा गणना कक्ष, खजांची और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर तैनात बदरी-केदार मंदिर समिति के अधिकारियों व कर्मचारियों के बयान दर्ज कर लिए हैं और जल्द ही अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप सकती है।
मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल के बाद अब सह आरोपी सेवानिवृत्त मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान की संपत्तियों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मामले के सामने आने से पहले आरोपियों ने कहीं जमीन खरीदी या अन्य माध्यमों में बड़ी धनराशि का निवेश किया या नहीं। इसके साथ ही वर्ष 2026 के कुबेर खजाने से जुड़े अभिलेखों की भी गहन जांच की जा रही है।
जांच का सबसे अहम पहलू गणना कक्ष की मई और जून माह की करीब 30 दिनों की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग है। पुलिस ने पुरानी डीवीआर को रिकवर कराने के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) देहरादून भेजा है। यदि रिकॉर्डिंग सफलतापूर्वक रिकवर हो जाती है, तो जांच में कई नए तथ्य और संभावित आरोपियों के नाम सामने आ सकते हैं।
पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के अनुसार मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है और फॉरेंसिक टीम की मदद से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने का प्रयास जारी है। बीकेटीसी की आंतरिक रिपोर्ट के आधार पर भी संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है, जिससे जल्द ही पूरे मामले का खुलासा होने की उम्मीद है।