मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर उत्तराखंड की ऊर्जा आवश्यकताओं और विभिन्न परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता की मांग उठाई। उन्होंने जल विद्युत, पम्प स्टोरेज परियोजनाओं, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली और पिटकुल की एडीबी सहायतित ट्रांसमिशन परियोजना के लिए केंद्र से स्वीकृति और सहयोग देने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों की तर्ज पर उत्तराखंड को भी जल विद्युत परियोजनाओं के लिए विशेष वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की मांग रखी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मौसम संबंधी परिस्थितियों और संभावित एलनीनो के प्रभाव के चलते जलाशयों में जल स्तर घटने की आशंका है, जिससे आने वाले महीनों में जल विद्युत उत्पादन प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा चारधाम यात्रा और कांवड़ यात्रा के दौरान बिजली की मांग में बढ़ोतरी को देखते हुए उन्होंने जुलाई के शेष दिनों के लिए 150 मेगावाट और अगस्त के लिए 200 मेगावाट अतिरिक्त बिजली केंद्रीय पूल से उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
उन्होंने राज्य में लगभग 10 गीगावाट पम्प स्टोरेज क्षमता विकसित करने के लिए अगले पांच वर्षों में 7,800 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता या गैप फंडिंग देने की मांग भी की। इसके साथ ही बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली की स्वीकृत क्षमता 500 मेगावाट से बढ़ाकर 665 मेगावाट करने का प्रस्ताव रखा, ताकि ऊर्जा जरूरतों और ग्रिड स्थिरता को मजबूत किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने पिटकुल की एडीबी सहायतित 3638.26 करोड़ रुपये की ट्रांसमिशन परियोजना के लिए ऋण और राज्यांश का अनुपात 80:20 बनाए रखने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि वित्तीय ढांचे में बदलाव किया गया तो विशेष श्रेणी राज्य के रूप में उत्तराखंड को मिलने वाले लाभ प्रभावित हो सकते हैं। इस पर केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया है।