नववर्ष के आगमन के साथ हिमालयी महाकुंभ का आयोजन किया जाएगा, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटेंगे। वहीं श्री नंदा देवी राजजात यात्रा की रूपरेखा 23 जनवरी को सार्वजनिक की जाएगी।हिमालयीय महाकुंभ के रूप में प्रसिद्ध श्री नंदा देवी राजजात यात्रा का आयोजन वर्ष 2026 में किया जाएगा। लगभग 280 किलोमीटर लंबी इस पदयात्रा में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। 20 दिन तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में सैकड़ों देवी-देवताओं की डोलियां और छंतोलियां श्रद्धालुओं को दर्शन कराएंगी।
बसंत पंचमी के दिन 23 जनवरी को यात्रा के आयोजन का विस्तृत कार्यक्रम घोषित होगा।हर 12 साल में आयोजित होने वाली श्री नंदा देवी राजजात यात्रा अगस्त–सितंबर माह में निकाली जाती है, जिसका श्रद्धालु वर्षों से इंतजार करते हैं। इस ऐतिहासिक यात्रा में शामिल होने के लिए लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। यात्रा की सुचारु व्यवस्था के लिए सरकार और राजजात समिति बीते दो साल से लगातार तैयारियां कर रही हैं। यात्रा मार्ग के पड़ावों पर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सड़कों का पुनर्निर्माण किया जा रहा है, जबकि अन्य व्यवस्थाओं के लिए इस्टीमेट तैयार हो चुके हैं।
नौटी में यात्रा कार्यक्रम जारी करने को लेकर भव्य महोत्सव की तैयारियां की जा रही हैं।श्री नंदा राजजात यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बसंत पंचमी के दिन 23 जनवरी को राजवंशी राजकुंवर यात्रा कार्यक्रम की घोषणा करेंगे। इसके लिए नौटी में 20 जनवरी से विशेष महोत्सव आयोजित किया जाएगा, जहां देवी पूजन के साथ अन्य आयोजन भी होंगे। इस कार्यक्रम में गढ़वाल और कुमाऊं के राजवंशों के प्रतिनिधियों की सहभागिता की भी संभावना है।