उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर क्षेत्र में नजूल भूमि को लेकर प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है। नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की अदालत ने रुद्रपुर तहसील स्थित करीब 9 एकड़ (3.60 हेक्टेयर) भूमि से जुड़े सभी पट्टों को रद्द भी कर दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि संबंधित भूमि नजूल थी, जिसे गलत तरीके से वर्ग-4 में दर्ज कर पट्टे व भूमिधरी अधिकार दिए गए थे। अब यह पूरी भूमि राज्य सरकार में निहित हो गई है।
यह निर्णय डीएम न्यायालय नैनीताल में लंबी सुनवाई के बाद वाद संख्या 51/4, 51/5 और 51/6 (वर्ष 2018-19) में सुनाया भी गया। मामले में खसरा संख्या 66, 69 और 70 की भूमि पर वर्ष 2015 में किए गए पट्टा नियमितीकरण व भूमिधरी अधिकार को अवैध मानते हुए निरस्त कर दिया गया है। ये वाद पहले कलेक्टर उधम सिंह नगर के समक्ष दायर किए गए थे, जिन्हें बाद में आयुक्त न्यायालय द्वारा सुनवाई के लिए डीएम नैनीताल को स्थानांतरित भी किया गया था।
न्यायालय ने आदेश में कहा कि भूमि मूल रूप से नजूल थी और नियमों के विपरीत इसे वर्ग-4 में दर्ज भी किया गया। इस प्रकरण में अपर जिलाधिकारी उधम सिंह नगर के आदेश को पहले ही राजस्व परिषद देहरादून निरस्त भी कर चुकी है, इसलिए पट्टा नियमितीकरण का कोई कानूनी आधार ही नहीं बनता।
डीएम ललित मोहन रयाल ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि नियमों के खिलाफ किया गया पट्टा नियमितीकरण व भूमिधरी अधिकार कानूनन शून्य हैं। साथ ही तहसीलदार रुद्रपुर को आदेश का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस फैसले को नजूल भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन की बड़ी और सख्त कार्रवाई के रूप में भी देखा जा रहा है।