थराली में रेस्क्यू कार्य जारी, मशीनों और वाहनों की मदद से हटाया जा रहा मलबा

आपदा प्रभावित क्षेत्र थराली में आज मंगलवार सुबह फिर रेसक्यू कार्य शुरू हो गया है। तहसील मुख्यालय राड़ीबगड़ में मशीनों और वाहनों की मदद से मलबा हटाने का काम किया जा रहा है। शुक्रवार की रात्रि में अतिवृष्टि से हुए नुकसान में प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू अभियान जारी रहा।  22 अगस्त की रात चमोली के थराली में आई भयानक आपदा ने पूरे क्षेत्र के तहस-नहस कर दिया है। लोगों को राहत शिविर में रखा गया है।

जिलाधिकारी चमोली, डा. संदीप तिवारी ने बताया की थराली में सभी आपदा और राहत के कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। खतरा बने पेड़ों को हटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। राजमार्ग को सुचारू कर दिया गया है। थराली बाजार के ऊपर के पेड़ों और बोल्डरों को हटाने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। सभी सरकारी भवनों और बस्तियों की सुरक्षा के प्रबंध किए जाएंगे।

थराली आपदा प्रभावितों की मदद के लिए अब स्थानीय लोग भी आगे आ रहे हैं। कुलसारी राहत केंद्र में थराली, देवराड़ा, कोटडीप सहित आसपास के 25 परिवारों के लोग रह रहे हैं। सोमवार को थराली प्रेस क्लब के सचिव संजय कण्डारी, नारायणबगड़ ब्लॉक कार्यालय में कार्यरत डीईओ महावीर नेगी, बीएमएम आलोक नेगी, जीआरएम योगेंद्र रावत राहत शिविर पहुंचे और लोगों को फल और पानी की बोतलें वितरित कीं। गांव मेटा के समाजसेवी अवतार दानू की टीम ने आपदा प्रभावितों को नाश्ता कराया। भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष देवेंद्र नेगी, करन सिंह तथा गुड्डू खत्री ने भी राहत सामग्री उपलब्ध कराई। राहत केंद्र में प्रशासन की ओर से भी समुचित व्यवस्था की गई है।

 

एसजीआरआर विश्वविद्यालय की ओर से सोमवार को थराली आपदा प्रभावितों के लिए राहत सामग्री भिजवाई गई। साथ ही श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल में आपदा पीड़ितों को निशुल्क उपचार दिए जाने की घोषणा की है। आपदा प्रभावितों के बच्चों को भी विवि में निशुल्क शिक्षा दिए जाएगी। श्रीगुरु राम राय विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. डॉ. कुमुद सकलानी और रजिस्ट्रार डॉ. लोकेश गंभीर ने राहत सामग्री से लदे वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। विवि के प्रेसीडेंट श्रीमहंत देवेन्द्र दास महाराज ने चमोली जनपद के एसजीआरआर ग्रुप के संस्थानों के कर्मचारियों की हरसंभव मदद करने का आह्वान किया।

 

एसजीआरआर पब्लिक स्कूल कर्णप्रयाग के प्रधानाचार्य बुद्धिबल्लभ डोभाल और एसजीआरआर पब्लिक स्कूल नारायण्बगड़ के प्रधानाचार्य शंकर सिंह चौहान ने बताया कि राहत सामग्री स्थानीय प्रशासन के दिशा निर्देशों में वितरित की जाएगी।

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