गंगोत्री,यमुनोत्री के 3,केदारनाथ के 6 और बद्रीनाथ के कपाट 8 मई को खोले जाएंगे
हेमकुंड साहिब और लोकपाल तीर्थ के कपाट 22 को खुलेंगे

एसके विरमानी / ऋषिकेश। चार धाम के कपाट खुलने हेतु देव डोलियों का धामों के लिए प्रस्थान कार्यक्रम तय हो गया।
श्री केदारनाथ धाम के कपाट छह मई को प्रात: 6 :25 बजे खोले जाएंगे
भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली के प्रस्थान का कार्यक्रम
•भैरव पूजा शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में शायंकाल 1 मई रविवार
• भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली धाम प्रस्थान शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से 2 मई सोमवार प्रात: 9 बजे।
• 2 मई प्रथम पड़ाव श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी प्रवास
• 3 मई मंगलवार गुप्तकाशी से 8 बजे प्रात: फाटा प्रस्थान एवं प्रवास।
• 4 मई बुधवार फाटा से प्रात: 8 बजे श्री गौरामाई मंदिर गौरीकुंड प्रस्थान एवं प्रवास
• 5 मई बृहस्पतिवार गौरीकुंड से प्रात: 6 बजे भगवान की पंचमुखी डोली श्री केदारनाथ धाम प्रस्थान।
• 6 मई शुक्रवार प्रात: 6 बजकर 25 मिनट पर श्री केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए दर्शनार्थ खुलेंगे।
श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 8 मई को प्रातः 6:25 बजे खोले जाएंगे।
• श्री बद्री विशाल देवडोली प्रस्थान कार्यक्रम
• 6 मई शुक्रवार प्रात:9 बजे श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ से आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी सहित तेल कलश गाडू घड़ा के साथ श्री बदरीनाथ धाम के रावल जी, मंदिर समिति के आचार्य एवं डिमरी पंचायत के प्रतिनिधियों का योगध्यान बदरी प्रस्थान एवं प्रवास।
• 7 मई शनिवार प्रात: योग बदरी पांडुकेश्वर से आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी, रावल जी सहित देवताओं के खजांची श्री कुबेर जी एवं भगवान के सखा उद्धव जी, तेल कलश गाडू घड़ा पांडुकेश्वर से प्रात: 9 बजे श्री बदरीनाथ धाम को प्रस्थान ।
• 8 मई प्रात: 6 बजकर 15 मिनट पर शीतकाल हेतु श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे।
श्री गंगोत्री धाम के कपाट 3 मई मंगलवार दोपहर 11.15 बजे पूर्वाह्न खोले जाएंगे। इसी दिन अपराह्न 12:15 पर श्री यमुनोत्री धाम के कपाट दर्शनों के लिए खोले जाएंगे
पवित्र गुरूद्वारा श्री हेमकुंड साहिब जी एवं लोकपाल तीर्थ के कपाट रविवार 22 मई को खुलेंगे।
प्रतिदिन दर्शनार्थियों की संख्या भी तय
इस बीच उत्तराखंड शासन द्वारा चार धाम हेतु कपाट खुलने / प्रथम यात्रा चरण के प्रारंभिक 45 दिनों हेतु प्रतिदिन दर्शन के लिए तीर्थयात्रियों की संख्या भी तय की गयी है। श्री बदरीनाथ, श्री केदारनाथ, श्री गंगोत्री श्री यमुनोत्री में एक निर्धारित संख्यानुसार श्रद्धालु प्रतिदिन दर्शन कर सकेंगे। यात्रियों को कोरोना जांच का प्रतिबंध नहीं है कोरोना जांच ऐच्छिक है मास्क लगाना एवं सामाजिक दूरी का पालन सबकी सुरक्षा हेतु आवश्यक है।
प्रतिदिन दर्शन हेतु श्रद्धालुओं की संख्या का विवरण-
श्री बदरीनाथ धाम -15000 (पंद्रह हजार) प्रतिदिन
श्री केदारनाथ धाम- 12000 (बारह हजार) प्रतिदिन
श्री गंगोत्री – 7000( सात हजार) प्रतिदिन
श्री यमुनोत्री -4000 (चार हजार )प्रतिदिन
