विनोद चमोली ने भू-कानून को बताया जन आकांक्षाओं के अनुरूप, क्षेत्रवाद की राजनीति पर जताई नाराजगी

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक विनोद चमोली ने शनिवार को पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राज्य में पारित सशक्त भू-कानून को आम जनमानस की मंशा के अनुरूप और समय की जरूरत बताया। उन्होंने इसे राज्य की संस्कृति और पहचान के संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम करार दिया।

चमोली ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पारित किया गया 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट उत्तराखंड को विकास के नए पायदान पर ले जाएगा और यह सभी क्षेत्रों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा, “वर्तमान में सबसे महत्वपूर्ण विषय भू-कानून और बजट हैं, इन पर सार्थक चर्चा होनी चाहिए।”

कांग्रेस पर साधा निशाना
कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए विधायक चमोली ने कहा कि, “कांग्रेस को जनहित के हर निर्णय से दिक्कत है। जब सरकार राज्य की डेमोग्राफी और सांस्कृतिक पहचान को बचाने के लिए कदम उठाती है, तो कांग्रेस उस पर सवाल उठाती है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।”

क्षेत्रवाद की राजनीति को बताया ‘उत्तराखंड के साथ अन्याय’
पत्रकारों के सवालों पर चमोली ने हाल में विधानसभा में उठे विवादों और पहाड़-मैदान को लेकर फैलाए जा रहे क्षेत्रवाद पर नाराजगी जताते हुए कहा कि, “राजनीतिक बयानबाजी के माध्यम से जो विभाजन पैदा करने की कोशिश हो रही है, वह उत्तराखंड के साथ अन्याय है।”

उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी को निशाना बनाए जाने की निंदा की और कहा, “अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठी ऋतु खंडूड़ी उत्तराखंड की बेटी हैं, उनके पिता देश और राज्य के लिए समर्पित रहे हैं। उनके पति ने कोविड काल में शीर्ष केंद्रीय अधिकारी के रूप में आम लोगों की जान बचाई। ऐसे में उनको टारगेट करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।”

विवादों पर विराम की अपील
कैबिनेट मंत्री की सदन में की गई टिप्पणी को लेकर पूछे गए सवाल पर चमोली ने कहा कि सभी पक्षों को अपनी गलती का अहसास है। पार्टी नेतृत्व ने संज्ञान लेते हुए सख्त हिदायत दी है और संबंधित मंत्री ने भी खेद व्यक्त किया है। “अब समय आ गया है कि इस विवाद को विराम दिया जाए और विकास की दिशा में आगे बढ़ा जाए,” उन्होंने कहा।

सोशल मीडिया पर ‘सिर्फ पहाड़ बनाम मैदान’ पर विमर्श को बताया खतरनाक
चमोली ने कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और “मैं सिर्फ विनोद चमोली नहीं, एक विधायक, पार्टी कार्यकर्ता, उत्तराखंडी और राज्य आंदोलनकारी भी हूं। अगर मैं उस दिन सदन में नहीं था तो क्या मेरे सामाजिक योगदान को खारिज कर दिया जाएगा?”

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर जो अनसोशल ट्रेंड्स चलाए जा रहे हैं, वे समाज में विभाजन और वैमनस्य फैलाने का काम कर रहे हैं। “अब हमें बेवजह के विवादों को पीछे छोड़कर विकास की राह पर अग्रसर होना चाहिए,” उन्होंने जोर देते हुए कहा।

मुख्य बिंदु:

भू-कानून को बताया जनहित में आवश्यक और ऐतिहासिक
बजट को राज्य के समग्र विकास के लिए अहम बताया
कांग्रेस पर जनहित के मुद्दों पर राजनीति करने का आरोप
क्षेत्रवाद की राजनीति को उत्तराखंड के लिए खतरा बताया
विधानसभा अध्यक्ष का बचाव करते हुए सोशल मीडिया टिप्पणियों की आलोचना

विनोद चमोली के बयान राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में संतुलन और समरसता की अपील के रूप में सामने आए हैं। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि अब समय विवाद नहीं, विकास का है।

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