हाईकोर्ट पहुंचा शिक्षकों व कर्मचारियों के वेतन का मामला

वेतन न मिलने से परेशान केएल डीएवी पीजी कॉलेज रुड़की के शिक्षकों व कर्मचारियों ने एक बार फिर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अब एमकेपी पीजी कॉलेज के शिक्षक व कर्मचारी भी कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।

 

दरअसल, दोनों महाविद्यालयों के शिक्षकों व कर्मचारियों को बीते चार महीने से वेतन का भुगतान नहीं किया गया। शासन का कहना है कि दोनों महाविद्यालय में प्रबंधन और नियंत्रक न होने की वजह से वेतन को रोका गया है। लेकिन यह कोई नई बात नहीं है। एमकेपी पीजी कॉलेज में तो साल 2020 से प्रबंधन और नियंत्रक ही नहीं हैं। लेकिन अभी तक शिक्षकों व कर्मचारियों के वेतन का भुगतान यूनिवर्सिटी एक्ट-60डी के तहत किया जा रहा था।

 

अशासकीय महाविद्यालयों के शिक्षक वेतन न मिलने से कई बार आंदोलन कर चुके हैं। गुस्साए हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (ग्रूटा) समेत शिक्षक संगठनों ने आंदोलन करने के साथ परीक्षाओं का बहिष्कार करने की चेतावनी दी थी। इसके बाद 22 मई को बजट का शासनादेश जारी हुआ तो शिक्षकों ने राहत की सांस ली। लेकिन एमकेपी पीजी कॉलेज और केएल डीएवी के शिक्षकों व कर्मचारियों को फिर भी वेतन नहीं मिला।

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