एम्स में ‘स्वास्थ्य चेतना’ पत्रिका का विमोचन, कोरोना के दौरान अहम योगदान देने वालों का सम्मान

देहरादून। एम्स ऋषिकेश के सोशल आउटरीच सेल के तत्वावधान में स्वास्थ्य चेतना नामक पत्रिका का विमोचन किया गया। बताया गया है कि इस पत्रिका के प्रकाशन का उद्देश्य दूर- दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य के प्रति लेकर जागरुक करना है।

संस्थान के लेक्चर थियेटर में आयोजित कार्यक्रम का एम्स निदेशक प्रोफेसर अरविंद राजवंशी,राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तराखंड की निदेशक डा. सरोज नैथानी, एम्स के संकायाध्यक्ष अकादमिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. अश्वनी कुमार दलाल व सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभागाध्यक्ष प्रो.वर्तिका सक्सेना ने शुभारंभ किया। इस अवसर पर निदेशक एम्स प्रो. अरविंद राजवंशी ने बताया कि इस पत्रिका की सहायता से किसी भी सामान्य रोग से ग्रसित व्यक्ति को प्राथमिक उपचार में काफी हद तक मदद मिल सकती है। एनएचएम की राज्य निदेशक डा. सरोज नैथानी ने उम्मीद जताई कि उत्तराखंड एक पर्वतीय राज्य है, यह पत्रिका जन स्वास्थ्य के लिए काफी हद तक लाभप्रद साबित होगी। संस्थान के डीन एकेडमिक प्रो. मनोज गुप्ता ने बताया कि किसी भी व्यक्ति को बीमारी के उपचार से पूर्व उसे उचित परामर्श मिलना जरुरी है। लिहाजा पत्रिका के माध्यम से लोगों तक इसी तरह के जनउपयोगी संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

सीएफएम विभागाध्यक्ष प्रो. वर्तिका सक्सेना ने इस प्रयास की सराहना की और इस पुस्तक को वृहद जनउपयोगी दस्तावेज बताया। उनका कहना है कि इस पुस्तक से लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरुक होंगे और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न जरुरी जानकारियां उपलब्ध हो सकेंगी। पत्रिका के संपादक डा. संतोष कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य चेतना नामक इस पत्रिका का उद्देश्य सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को हम किसी भी तरह की बीमारी की प्रारंभिक अवस्था में ही सही परामर्श व मार्गदर्शन दे सकें, जिससे उसके द्वारा बीमारी का समय रहते सही उपचार माध्यम अपनाया जा सके।

इस अवसर पर एम्स ऋषिकेश की कम्युनिटी टास्क फोर्स द्वारा कोविड महामारी के दौरान अहम योगदान देने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया।

सम्मान प्राप्त करने वाले लोगों में पल्मोनरी विभागाध्यक्ष प्रो. गिरीश सिंधवानी, प्रो. अनुपमा बहादुर, प्रो. वर्तिका सक्सेना, पीजी कॉलेज ऋषिकेश के प्रो. गुलशन ढींगरा, डॉक्टर आशीष बूटे, डॉ. रविकांत, डॉ. रंजीता कुमारी, डॉ. अनिद्या दास, डा. संतोष कुमार, डॉ. अजीत भदौरिया, डॉ. मुकेश बैरवा, डॉ. लोकेश कुमार सैनी, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. ब्रुजिली, संदीप कुमार सिंह, नर्सिंग फैकल्टी डॉ. राखी मिश्रा के अलावा यूपीएचसी सेंटर शांतिनगर ऋषिकेश व कैलासगेट, मुनिकीरेती में कार्यरत एएनएम व आशा वर्कर्स आदि सम्मिलित हैं।

इस अवसर पर संस्थान के उपनिदेशक ले. कर्नल अच्युत रंजन मुखर्जी, डीन नर्सिंग डा. स्मृति​ अरोड़ा, रोटरी क्लब अध्यक्ष संजय सकलानी, जितेंद्र पंवार, सोशल आउटरीच सेल के अमनदीप नेगी, संदीप, त्रिलोक, पंकज के अलावा एमपीएच व नर्सिंग स्टूडेंट्स मौजूद थे।

 


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डा. जितेन्द्र गैरोला की पुस्तक का विमोचन 28 को 

एम्स ऋषिकेश में 28 अप्रैल को डॉ. जितेन्द्र गैरोला द्वारा राष्ट्रीय एकीकरण एवं वैज्ञानिक आत्म -निर्भरता विषय पर लिखित पुस्तक का विमोचन किया जायगा। बताया गया है कि इस पुस्तक में लेखक द्वारा राष्ट्रीय एकीकरण की आवश्यकता, कोरोना जैसी महामारियों से निपटने तथा स्वास्थ्य के क्षेत्र में बढ़ रही चुनौतियों से निपटने के लिए चिकित्सा पद्धतियों के एकीकरण के लाभ पर प्रकाश डाला है।  डॉ. जितेन्द्र गैरोला ने बताया कि आत्मनिर्भरता विश्व गुरु बनने की पहली सीढ़ी है। उनका मानना है कि आत्म -निर्भरता देश में पढ़ने वाले छात्रों, संसाधनों का सृजन करने वाले वैज्ञानिकों एवं डॉक्टरों के हृदय में विद्यमान राष्ट्र चिंतन एवं देश सेवा के भाव पर निर्भर करती है। समारोह के संयोजक डॉ. अक्षत उनियाल ने बताया कि पुस्तक विमोचन के अवसर पर राष्ट्रीय एकता और आत्मनिर्भरता विषय पर व्याख्यानमाला का आयोजन भी किया जाएगा। कार्यक्रम में एम्स संस्थान के संकाय सदस्य, रेजिडेंट चिकित्सक, पीएच.डी. छात्र व अन्य स्टाफ सदस्य शिरकत करेंगे।

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