उत्तराखंड: रोडवेज बसों से होने वाले हादसों पर नियंत्रण के लिए नई पहल, “नो एक्सीडेंट रिवार्ड योजना” लागू

उत्तराखंड परिवहन निगम ने रोडवेज बसों से होने वाले हादसों पर लगाम लगाने के लिए एक नई पहल की शुरुआत की है। “नो एक्सीडेंट रिवार्ड योजना” के तहत, अब उन ड्राइवरों और कंडक्टरों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा, जो कम या शून्य हादसों का रिकॉर्ड रखते हैं। यह योजना यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ निगम के संचालन और राजस्व को भी नुकसान से बचाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

परिवहन निगम के महाप्रबंधक स्तर पर इस योजना पर काम शुरू हो चुका है। “नो एक्सीडेंट रिवार्ड योजना” के तहत ड्राइवर और कंडक्टरों को उनके हादसों के रिकॉर्ड के आधार पर श्रेणीबद्ध किया जाएगा। यदि किसी कर्मचारी का रिकॉर्ड शून्य हादसों वाला होगा, तो उसे विशेष पुरस्कार से नवाजा जाएगा। हालांकि, इस पुरस्कार के रूप में क्या राशि या सुविधाएं दी जाएंगी, इस पर अभी स्पष्टता नहीं दी गई है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि इससे कर्मचारियों में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और दुर्घटनाओं की संख्या में भी कमी आएगी।

हादसों के साथ-साथ बसों के इंजन और बैटरी की खराबी भी निगम के लिए एक बड़ी चुनौती है। निगम अब यह सुनिश्चित कर रहा है कि हर फेरे के बाद बस की तकनीकी जांच की जाए, ताकि अगली बार संचालन के लिए वह पूरी तरह सुरक्षित हो। इस बार निगम इंजन और बैटरी की स्थिति को भी मूल्यांकन में शामिल करेगा। तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा रिपोर्ट तैयार करने के बाद बसों की परफॉर्मेंस का आकलन किया जाएगा, ताकि बसों की कार्यक्षमता में कोई कमी न हो, परिवहन निगम ने 100 नई बसों की खरीद के लिए फिर से टेंडर जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है। पहले जारी किए गए टेंडर में कोई कंपनी रुचि नहीं दिखा पाई थी। अब निगम उम्मीद कर रहा है कि वर्ष के अंत तक नई बसें उनके बेड़े में शामिल हो जाएंगी, जिससे संचालन में और मजबूती आएगी और यात्री सेवाएं और बेहतर हो सकेंगी।

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