उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला, सभी सरकारी विभागों में बायोमीट्रिक प्रणाली अनिवार्य

उत्तराखंड सरकार ने प्रदेशभर के सभी सरकारी विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए बायोमीट्रिक प्रणाली को अनिवार्य करने का फैसला लिया है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई सचिव समिति की बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इसके बाद सचिव (सामान्य प्रशासन) विनोद कुमार सुमन ने इस संबंध में औपचारिक आदेश भी जारी कर दिए हैं।

बायोमीट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिन विभागों में अभी तक बायोमीट्रिक मशीनें नहीं लगाई गई हैं, वे जल्द से जल्द इस प्रक्रिया को पूरा करें। साथ ही, यदि पूर्व में स्थापित मशीनों में कोई तकनीकी समस्या है, तो उन्हें समय पर ठीक किया जाए। इससे विभागों में कर्मचारियों की उपस्थिति की सही और पारदर्शी जानकारी सुनिश्चित होगी।

प्रमोशन के लिए अचल संपत्ति का विवरण आवश्यक

मुख्य सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी अचल संपत्ति का विवरण देना अनिवार्य होगा। प्रमोशन के दौरान यह देखा जाएगा कि संबंधित कर्मचारी ने समय से संपत्ति का विवरण दिया है या नहीं। इसके साथ ही, अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों को गोपनीय प्रविष्टि के समय भी संपत्ति का विवरण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

वार्षिक कार्य योजना और निरीक्षण

बैठक में सभी विभागीय सचिवों को यह निर्देश भी दिया गया कि वे वर्ष में कम से कम एक बार अपने विभागों का निरीक्षण करें। इसके अलावा, रोस्टर बनाकर अपर सचिव, संयुक्त सचिव, उप सचिव और अनु सचिव स्तर के अधिकारियों से भी निरीक्षण कराया जाएगा। साथ ही, सभी विभागों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने कार्यों के लिए वार्षिक कार्य योजना तैयार करें, ताकि विभागीय लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जा सके।

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