टनकपुर (उत्तराखंड): उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड (UTDB) ने मां पूर्णागिरि धाम रोपवे परियोजना में अनावश्यक देरी को गंभीरता से लेते हुए परियोजना से जुड़ी निर्माण कंपनी को अनुबंध समाप्त करने का नोटिस जारी किया है। यह रोपवे परियोजना 30 अप्रैल 2025 तक पूरी होनी थी, लेकिन अभी तक इसकी आधारभूत संरचना भी तैयार नहीं हो सकी है।
इस परियोजना का अनुबंध अक्टूबर 2012 में दिल्ली की ‘पूर्णागिरि रोपवे प्रोजेक्ट कंपनी प्राइवेट लिमिटेड’ को सौंपा गया था। टनकपुर नगर से लगभग 22 किलोमीटर दूर स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पूर्णागिरि धाम में प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। रोपवे निर्माण का उद्देश्य श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाना था।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में देखी जा रही इस परियोजना में कंपनी की लापरवाही और धीमी गति से काम करने की वजह से यूटीडीबी ने यह सख्त कदम उठाया है। बोर्ड ने कंपनी के निदेशक को अनुबंध समाप्त करने का नोटिस भेजते हुए अगली कार्रवाई की तैयारी भी शुरू कर दी है।
यूटीडीबी के अपर सचिव एवं अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी अभिषेक रुहेला ने कहा, “पूर्णागिरि रोपवे निर्माण में अनावश्यक देरी को देखते हुए कंपनी को अनुबंध रद्द करने का नोटिस दिया गया है। इस विषय पर अब सचिव स्तर की बैठक में आगे का निर्णय लिया जाएगा।”
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि रोपवे निर्माण कार्य कब पूरा होगा और भविष्य में किस एजेंसी को इसकी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार जल्द निर्णय लेने की दिशा में अग्रसर है।