देहरादून: विकास परियोजनाओं में देरी पर मुख्य सचिव सख्त, शारदा रिवरफ्रंट का काम तेज करने के निर्देश – Bharat Naman

देहरादून: विकास परियोजनाओं में देरी पर मुख्य सचिव सख्त, शारदा रिवरफ्रंट का काम तेज करने के निर्देश

देहरादून। हरिद्वार में कुंभ मेला 2027 की तैयारियों और प्रदेश की प्रमुख विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा कराने के लिए शासन ने निगरानी तेज कर दी है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (UIIDB) की एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक में विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयसीमा, गुणवत्ता और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

शारदा रिवरफ्रंट परियोजना की धीमी रफ्तार पर नाराजगी

बैठक में शारदा रिवरफ्रंट कॉरिडोर परियोजना की धीमी प्रगति पर मुख्य सचिव ने नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि UPDCC ने 10 महीनों में केवल 10 प्रतिशत काम पूरा किया गया है। उन्होंने परियोजना के लिए समर्पित प्रोजेक्ट मैनेजर नियुक्त करने और उसे कार्यस्थल पर तैनात रखने के निर्देश दिए।

हर परियोजना की होगी नियमित मॉनिटरिंग

मुख्य सचिव ने UIIDB की परियोजनाओं के लिए समयसीमा के साथ PERT चार्ट तैयार करने को कहा। बैठकों में परियोजनाओं की प्रगति इसी चार्ट के आधार पर प्रस्तुत की जाएगी। निर्धारित समय के अनुसार काम नहीं होने पर देरी के कारणों की पहचान कर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। प्रमुख सचिव नियोजन को भी नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।

कुंभ से जुड़े कार्यों को मिलेगी प्राथमिकता

कुंभ मेला 2027 को देखते हुए हरिद्वार में प्राथमिकता वाले कार्य तय समयसीमा में पूरे करने पर जोर दिया गया। सती कुंड से संबंधित कार्यों को 15 दिसंबर तक पूरा करने के लिए श्रमिकों और काम की शिफ्ट बढ़ाने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि काम की गति बढ़ाने के साथ निर्माण की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

हरिद्वार में चल रहे कार्यों की निगरानी मजबूत करने के लिए संबंधित कार्यदायी संस्था के महाप्रबंधक को हरिद्वार में ही तैनात रहने और परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट जिलाधिकारी तथा मंडलायुक्त को देने को कहा गया।

पार्किंग और रिवर राफ्टिंग परियोजनाओं पर भी निर्देश

रिवर राफ्टिंग विकास कार्यों के लिए अगले पांच वर्षों तक संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालने वाली समर्पित टीम तैयार करने के निर्देश दिए गए। हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए अलग-अलग इकाइयां विकसित करने पर भी जोर दिया गया।

वहीं, हरिद्वार में नई पार्किंग परियोजनाएं शुरू करने से पहले जिलाधिकारी और मेलाधिकारी से लिखित अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) लेने को कहा गया। क्षेत्र की जरूरत के अनुसार सरफेस, अंडरग्राउंड या मैकेनिकल पार्किंग का विकल्प चुनने और अन्य विभागों की योजनाओं के साथ बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

वित्तीय पारदर्शिता के लिए बनेगी ऑडिट कमेटी

UIIDB की परियोजनाओं में वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मुख्य सचिव ने वित्तीय एवं ऑडिट कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। शासन का जोर है कि विकास कार्य निर्धारित समय पर, तय गुणवत्ता के साथ और पारदर्शी तरीके से पूरे हों, ताकि कुंभ मेला 2027 से पहले जरूरी व्यवस्थाएं तैयार की जा सकें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *