उत्तराखंड में बेरोजगार और हुनरमंद युवाओं को वैश्विक स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के प्रयासों को मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट बैठक में विदेश रोजगार प्रकोष्ठ को अधिक प्रभावी और पेशेवर बनाने के लिए प्रोजेक्ट प्रबंधन इकाई के गठन को मंजूरी दे दी गई है। इसके तहत राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान को स्किल हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
अब तक इस कार्य को विभागीय अधिकारी संभाल रहे थे, लेकिन अंतरराष्ट्रीय कंपनियों, दूतावासों और विभिन्न देशों के नियोक्ताओं के साथ सीधे समझौते करने में विशेषज्ञता और जनशक्ति की कमी सामने आ रही थी। इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने विशेषज्ञों को शामिल कर एक आधुनिक और उच्च तकनीक आधारित प्रबंधन इकाई बनाने का निर्णय लिया है। यह इकाई भारत सरकार की एनएसडीसी इंटरनेशनल के साथ मिलकर कार्य करेगी और युवाओं को उन्नत कौशल प्रशिक्षण तथा विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण भी प्रदान करेगी।
इस योजना में सरकार ने अगले तीन वर्षों में लगभग 9.66 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया है। इकाई के संचालन के लिए सात विशेषज्ञ पद सृजित किए गए हैं, जिनमें अंतरराष्ट्रीय सलाहकार, विदेशी नियुक्ति प्रबंधक, प्रशिक्षण एवं नियुक्ति प्रबंधक, संपर्क एवं अनुबंध प्रबंधक सहित अन्य पद शामिल हैं। यह इकाई निर्माण, स्वास्थ्य सेवा, आतिथ्य और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात, जर्मनी और जापान जैसे देशों की मांग के अनुसार युवाओं का डाटा तैयार करेगी और राज्य के कौशल पाठ्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उन्नत करेगी।
इसके साथ ही विदेश जाने वाले युवाओं के लिए प्रस्थान से पहले प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, एक शिकायत निवारण पोर्टल भी विकसित किया जाएगा। यह व्यवस्था भारतीय दूतावासों और विदेश मंत्रालय के समन्वय से सुरक्षित और सुगम प्रवासन प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी, जिससे युवाओं को विदेश में रोजगार के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।