उत्तराखंड के प्रसिद्ध निशानेबाज जसपाल राणा का निधन हो गया। अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। सीने में तकलीफ के बाद उन्हें स्टेंट लगाया गया था, लेकिन दोबारा स्वास्थ्य बिगड़ने से उनका निधन हो गया।
टिहरी जिले के चिलामू गांव निवासी जसपाल राणा भारतीय निशानेबाजी के बड़े नामों में शामिल थे। वह भारतीय पिस्टल निशानेबाजों के लिए हाई-परफॉर्मेंस कोच के रूप में सेवाएं दे रहे थे। म्यूनिख में आयोजित ISSF वर्ल्ड कप से लौटने के दौरान उनकी तबीयत खराब हुई थी, जिसके बाद दिल्ली के अस्पताल में उनका इलाज किया गया।
जसपाल राणा ने महज 18 वर्ष की उम्र में विश्व रिकॉर्ड बनाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई थी। उन्होंने राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में भारत के लिए कई उपलब्धियां हासिल कीं। 2006 दोहा एशियन गेम्स में जीते उनके तीन स्वर्ण पदक और विश्व रिकॉर्ड आज भी खेल प्रेमियों के लिए यादगार हैं।
उनके निधन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई नेताओं ने शोक जताया। खेल के अलावा जसपाल राणा ने राजनीति में भी कदम रखा था। उन्होंने 2009 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर टिहरी गढ़वाल सीट से चुनाव लड़ा था, जबकि 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के स्टार प्रचारक के तौर पर भी सक्रिय रहे।