‘श्री अन्न’ (मोटे अनाज) को बढ़ावा: मंडुआ और झंगोरा की एमएसपी में की गई ऐतिहासिक वृद्धि
देहरादून, 4 मई: उत्तराखंड की पारंपरिक कृषि को पुनर्जीवित करने और किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प के साथ, राज्य सरकार ने 4 मई को ‘उत्तराखंड श्री अन्न (मिलेट) प्रोत्साहन योजना’ के दूसरे चरण का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत राज्य के प्रमुख मोटे अनाजों, विशेषकर मंडुआ (रागी) और झंगोरा की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में ऐतिहासिक वृद्धि की गई है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि किसानों की उपज सीधे उनके गांवों से खरीदी जाएगी, जिससे उन्हें परिवहन का अतिरिक्त खर्च न उठाना पड़े।
कृषि मंत्री ने जानकारी दी कि अब राज्य भर में 150 से अधिक नए मिलेट प्रोसेसिंग यूनिट लगाए जा रहे हैं, जिनके लिए किसानों और युवा उद्यमियों को 75% तक की सब्सिडी दी जा रही है। सरकार ने इन पौष्टिक अनाजों को मिड-डे मील और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में भी बड़े पैमाने पर शामिल किया है। इससे न केवल कुपोषण के खिलाफ जंग में मदद मिल रही है, बल्कि पहाड़ के उन किसानों को सीधा फायदा हो रहा है जो बंजर खेतों के कारण खेती छोड़ चुके थे। सरकार की इस पहल से प्रेरित होकर हजारों किसान अब फिर से जैविक खेती की ओर लौट रहे हैं। धामी सरकार का यह कदम राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए एक ‘गेम चेंजर’ साबित हो रहा है।