2 मई 2026 — उत्तराखंड में शिक्षा क्रांति की ओर बढ़ी धामी सरकार
Pushkar Singh Dhami के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार लगातार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और रोजगारपरक बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। 2 मई 2026 को राज्य सरकार ने सरकारी विद्यालयों में “स्मार्ट क्लास और डिजिटल लर्निंग मिशन” के विस्तार की बड़ी घोषणा की। इस योजना के तहत पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों के 500 से अधिक विद्यालयों को हाईटेक सुविधाओं से जोड़ने का निर्णय लिया गया। सरकार का कहना है कि आने वाले समय में उत्तराखंड के बच्चे भी महानगरों की तरह आधुनिक शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि राज्य के बच्चों को बेहतर शिक्षा देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि कई सरकारी स्कूलों में अब स्मार्ट बोर्ड, डिजिटल लैब, ऑनलाइन कंटेंट और वर्चुअल क्लासरूम की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। इससे गांवों में पढ़ने वाले छात्रों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी और वे प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे।
धामी सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना का सबसे बड़ा फायदा पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को मिलने वाला है। लंबे समय से दूरस्थ गांवों के छात्र संसाधनों की कमी से जूझ रहे थे। कई जगह शिक्षकों की कमी भी एक बड़ी समस्या थी। अब डिजिटल शिक्षा प्रणाली लागू होने से ऑनलाइन माध्यम से विशेषज्ञ शिक्षक भी छात्रों को पढ़ा सकेंगे। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
सरकार ने इस योजना के लिए करोड़ों रुपये का बजट भी मंजूर किया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार अगले चरण में राज्य के हजारों विद्यालयों को इस मिशन से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही शिक्षकों को आधुनिक तकनीक की ट्रेनिंग देने का काम भी शुरू हो चुका है। राज्य सरकार चाहती है कि उत्तराखंड का हर बच्चा तकनीकी रूप से सक्षम बने और भविष्य की चुनौतियों का सामना कर सके।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने मेधावी छात्रों के लिए नई छात्रवृत्ति योजनाओं की भी घोषणा की। गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को पढ़ाई में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए विशेष सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अलग से प्रोत्साहन योजनाएं चलाई जाएंगी।
प्रदेश के कई अभिभावकों और शिक्षकों ने सरकार के इस कदम की सराहना की है। उनका कहना है कि यदि सरकारी स्कूलों में इसी तरह सुविधाएं बढ़ती रहीं तो भविष्य में निजी स्कूलों पर निर्भरता कम हो सकती है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल राज्य के युवाओं को नई दिशा देने का काम करेगी।
धामी सरकार पिछले कुछ वर्षों से शिक्षा, रोजगार और तकनीकी विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। राज्य में नई शिक्षा नीति को लागू करने के बाद कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं। अब डिजिटल शिक्षा मिशन के जरिए उत्तराखंड को आधुनिक शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की तैयारी की जा रही