
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami की सरकार ने 1 मई 2026 को राज्य के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कई बड़े कदम उठाए। राज्य सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं में बड़ी वित्तीय मंजूरी दी। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह है कि पहाड़ से लेकर मैदान तक हर बच्चे को समान अवसर मिल सके और कोई भी छात्र आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई से वंचित न रहे।
धामी सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र के लिए जारी किए गए बजट में निजी विद्यालयों में पढ़ रहे गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति हेतु बड़ी धनराशि स्वीकृत की गई। इससे हजारों परिवारों को राहत मिलने वाली है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शिता के साथ बच्चों तक पहुंचे। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षा ही उत्तराखंड के भविष्य को मजबूत करने का सबसे बड़ा आधार है।
राज्य सरकार पिछले कुछ वर्षों से सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। कई विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब और आधुनिक शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में हर जिले में आधुनिक शिक्षा मॉडल लागू किया जाएगा ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे भी महानगरों जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
इसके साथ ही युवाओं के रोजगार को लेकर भी सरकार लगातार सक्रिय दिखाई दे रही है। धामी सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया था, जिसके बाद युवाओं का भरोसा सरकार पर और मजबूत हुआ है। पिछले वर्षों में हजारों युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं और सरकार का दावा है कि आने वाले समय में और भी भर्ती प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड केवल पर्यटन राज्य नहीं रहेगा बल्कि शिक्षा, तकनीक और स्वरोजगार के क्षेत्र में भी नई पहचान बनाएगा। सरकार ने महिलाओं और ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए भी कई योजनाएं शुरू की हैं। इससे गांवों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ रही हैं और पलायन रोकने में भी मदद मिल रही है।
सरकार का यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पहाड़ी क्षेत्रों में लंबे समय से बेहतर शिक्षा सुविधाओं की मांग उठती रही है। अब सरकार शिक्षा को विकास का सबसे बड़ा माध्यम मानते हुए योजनाओं पर तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य का हर बच्चा सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी युवा का भविष्य संसाधनों की कमी के कारण प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार इसी तरह शिक्षा और रोजगार पर ध्यान देती रही तो आने वाले वर्षों में उत्तराखंड देश के सबसे बेहतर मानव संसाधन वाले राज्यों में शामिल हो सकता है। राज्य में तेजी से बढ़ती डिजिटल सुविधाएं, नए कॉलेज और कौशल विकास कार्यक्रम युवाओं को नई दिशा दे रहे हैं।