ज्योतिर्मठ में भू-धंसाव के दौरान कमजोर हो चुके 55 भवनों को गिराया जाएगा। लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) के सर्वे में इन्हें पूरी तरह जर्जर पाया गया है। जल्द ही इन्हें ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
करीब तीन वर्ष पहले हुए भू-धंसाव से क्षतिग्रस्त ज्योतिर्मठ के 55 भवनों को जल्द ही गिराया जाएगा। प्रशासन ने तकनीकी टीम से इन भवनों का सर्वे करा लिया है। जनवरी 2023 में ज्योतिर्मठ में अचानक जमीन धंसने की घटना शुरू हुई थी, जिसके चलते बड़ी संख्या में रिहायशी मकान जर्जर हो गए थे।
कई परिवारों को अपने घर खाली करना पड़ा। अधिकांश भवनों के मालिकों को प्रशासन द्वारा मुआवजा दिया जा चुका है। भू-धंसाव के दौरान प्रशासन ने पहले ही कई जर्जर भवनों को गिरवा दिया था। अब ऐसे 55 भवनों की पहचान की गई है जिन्हें जल्द ही ध्वस्त किया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग की टीम ने इन भवनों का सर्वे किया था और उन्हें निष्प्रयोज्य बताते हुए जल्द ध्वस्त करने की सिफारिश की थी। अब प्रशासन ने इन भवनों को गिराने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। उम्मीद की जा रही है कि कुछ ही दिनों में इनका ध्वस्तीकरण शुरू हो जाएगा। सभी भवनों को उनके स्वामियों द्वारा पहले ही खाली कर दिया गया है। इन भवनों में कई जगह दरारें हैं और जमीन धंसने के कारण इनकी मरम्मत भी संभव नहीं है।