नहीं खुला यमुनोत्री हाईवे, बिजली गुल के कारण दीपक और मोमबत्ती के सहारे हो रही धाम में आरती

यमुनोत्री हाईवे दसवें दिन भी वाहनों की आवाजाही के लिए नहीं खुल सका है। स्यानाचट्टी में यमुना का बहाव रुकने से बनी झील के कारण यहां यमुनोत्री हाईवे पर मुश्किलें बढ़ गई हैं। स्यानाचट्टी मे जलस्तर बढ़ने से पानी पुल के ऊपर से बहने लगा जिसके बाद पुलिस ने सुरक्षा को देखते हुए पुल के दोनों ओर बैरियर लगाकर आवाजाही रोक दी। जंगलचट्टी और नारदचट्टी के पास यमुनोत्री हाईवे पिछले 11 दिनों से बंद है। वहीं, सिलाई बैंड के पास भी लगातार पहाड़ी से चट्टानी पत्थर गिर रहे हैं जिससे हाईवे खोलने का काम बेहद खतरनाक हो गया है।

यमुनोत्री धाम और गीठ पट्टी के आधा दर्जन गांवों में बिजली न होने से लोगों के मोबाइल फोन भी काम नहीं कर रहे हैं, यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल, मनमोहन उनियाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य अमिता पंवार आदि ने बताया कि क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण यमुनोत्री हाईवे पर हनुमान चट्टी के पास बिजली की लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। इसके चलते यमुनोत्री धाम, नारायण पुरी, जानकीचट्टी, खरसाली, बनास, फूलचट्टी और दुर्बिल जैसे इलाकों में पिछले चार दिनों से बिजली की सप्लाई पूरी तरह ठप है। बिजली नहीं होने के चलते वे रात में अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। बारिश होने के कारण लोगों में रात को दहशत का महौल बना रहता है। क्षेत्र के लोगों ने विभाग से जल्द से जल्द बिजली बहाल करने की मांग की है। इधर, विद्युत विभाग के एसडीओ अजय सेमवाल ने बताया कि हाईवे जगह-जगह बंद होने के कारण उनकी टीम हनुमान चट्टी तक नहीं पहुंच पा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सड़क खुलने में दो दिन और लगेंगे जिसके बाद ही लाइन को ठीक करने का काम शुरू हो पाएगा।

 

गीठ और यमुनोत्री क्षेत्र में आई आपदा का असर अब धाम पर भी दिख रहा है। पिछले दो दिनों से गीठ पट्टी के चार गांवों के साथ-साथ यमुनोत्री धाम में भी बिजली गुल है। मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष प्रदीप उनियाल ने बताया कि समिति ने धाम में एक जनरेटर की व्यवस्था की थी लेकिन बरसात के कारण उसमें तकनीकी खराबी आ गई है। पिछले 11 दिनों से क्षेत्र में आवाजाही बंद होने के कारण किसी मैकेनिक को वहां नहीं भेजा जा सका है और अब जनरेटर के लिए तेल की भी कमी होने लगी है।

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