नवसंवत्सर आगमन पर कविता

आया नया साल

चिडिया करती है ‘चहकारा, वृक्षों पे पत्तों की भरमारा

पशु-पक्षी मिल कर गाये, आया नया साल हमारा…

हम सब बैसाखी मनाएं, होली के गीत हम गाये

रंग गुलाल जब उड़ाया, समझो नया साल अब आया

सभी सुखी हो जाएं, सबका हित हो जाएं

सबका हो जाए कल्याण, हमारा भारत बने महान

हरे वायरस की बीमारी, यही दुआ है हमारी

आप सबको बधाई, अंजलि ने सुनाई

आया नया वर्ष हमारा, आया नया साल हमारा

🔵अंजलि रुहेला

ग़ाज़ियाबाद(उत्तर प्रदेश)

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