प्रयागराज में आयोजित हो रहे महाकुंभ 2025 के तीनों अमृत स्नान संपन्न हो चुके हैं। देशभर से आए साधु-संत और सभी अखाड़े अपने-अपने स्थानों की ओर लौट चुके हैं। हालांकि, महाकुंभ का आयोजन 26 फरवरी तक जारी रहेगा और अब भी रोज़ लाखों श्रद्धालु संगम नगरी पहुंच रहे हैं।
इस बीच, देश और दुनिया के श्रद्धालुओं के मन में अब अगली महाधार्मिक सभा को लेकर उत्सुकता है—और उनकी नजरें अर्द्धकुंभ 2027, हरिद्वार पर टिकी हैं।
हरिद्वार अर्द्धकुंभ 2027: तैयारियां प्रारंभ
धर्मनगरी हरिद्वार में आगामी अर्द्धकुंभ 2027 को दिव्य, भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए तैयारियां ज़ोरों पर हैं। इस संबंध में हरिद्वार के जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह ने सीसीआर सभागार में एक उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन किया, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए गए।
यातायात, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर जोर
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और मूलभूत सेवाओं को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने विद्युत विभाग को अतिरिक्त ट्रांसफार्मरों की व्यवस्था और बिजली लाइनों का सुरक्षा ऑडिट कराने का निर्देश दिया, ताकि निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
पुलिस, परिवहन और लोक निर्माण विभागों को यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण के लिए समन्वित कार्य योजना बनाने को कहा गया।
सिंचाई, स्वास्थ्य और जल आपूर्ति विभागों को दिशा-निर्देश
सिंचाई विभाग को घाटों की मरम्मत, अस्थायी पुलों के निर्माण और जलप्रवाह बनाए रखने की दिशा में तुरंत काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पर्याप्त स्टाफ, एंबुलेंस और जरूरी दवाइयों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
पेयजल निगम और जल संस्थान को हरिद्वार में शुद्ध पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
पार्किंग स्थलों का निरीक्षण
जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह ने एसपी सिटी पंकज गैरोला, एसडीएम अजय वीर सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट कुसुम चौहान के साथ पंतद्वीप मैदान, लालजीवाला और रोड़ी बेलवाला क्षेत्रों का दौरा कर पार्किंग व्यवस्था का जायजा लिया। आगामी चारधाम यात्रा के मद्देनजर भी इन व्यवस्थाओं को महत्व दिया गया है।