देहरादून में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने के लिए पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान के विरोध में शुक्रवार को मुस्लिम सेवा संगठन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोगों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। जुमे की नमाज के बाद एकत्र हुए प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए करीब डेढ़ घंटे तक विरोध जताया और सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई पर आपत्ति दर्ज कराई।
संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी ने कहा कि कानून के नाम पर किसी एक समुदाय के धार्मिक स्थलों को निशाना बनाना उचित नहीं है और इससे निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वोच्च न्यायालय और ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों का उद्देश्य केवल ध्वनि स्तर और समय सीमा का पालन कराना है, न कि किसी विशेष धर्म के धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाना। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि यदि कहीं नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो सभी धार्मिक स्थलों, सामाजिक और राजनीतिक कार्यक्रमों तथा सार्वजनिक आयोजनों में समान रूप से नियम लागू किए जाएं।
शहर काजी मुफ्ती हशीम अहमद कासमी ने भी जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर कहा है कि मस्जिदों में लाउडस्पीकर नियमानुसार लगाए गए हैं और ध्वनि स्तर निर्धारित मानकों के अनुरूप है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी लिखित सूचना या नोटिस के न्यायालय के आदेशों का हवाला देकर लाउडस्पीकर हटाए जा रहे हैं, जो उचित प्रक्रिया का पालन नहीं है।