भराड़ीसैंण विधानसभा क्षेत्र के पास जमीन खरीद-फरोख्त को लेकर मामला चर्चा में है। मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट और विधानसभा हेलिपैड के नजदीक करीब 40 से 50 नाली भूमि बाहरी लोगों को बेचे जाने की बात सामने आई है।
पूर्व ग्राम प्रधान राजेश सिंह ने कहा कि बाहरी खरीदार जमीन के वास्तविक उपयोग की जानकारी ग्रामीणों को नहीं दे रहे हैं। उन्होंने सरकार से क्षेत्र में जमीन की रजिस्ट्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल ने कहा कि एक ओर सरकार पहाड़ों में कृषि को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं चला रही है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण भूमि बेच रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों से बातचीत कर मामले की जानकारी मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जाएगी।
वहीं कांग्रेस ने भी जमीन बिक्री को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता मुकेश नेगी ने कहा कि पहले सारकोट और परवाड़ी गांवों में भूमि विक्रय को लेकर प्रतिबंधात्मक कदम उठाए गए थे, जिन्हें फिर. लागू करने की जरूरत है।
तहसीलदार हरीश चंद्र पांडे ने बताया कि सारकोट में कुछ जमीनों की रजिस्ट्री होने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि रोक हटने के बाद खरीद-फरोख्त सामान्य प्रक्रिया के तहत हुई है, जबकि दाखिल-खारिज के दौरान वास्तविक भूमि की जांच की जाएगी।