- पर्वतीय गांवों के लिए ‘मुख्यमंत्री सौर ऊर्जा स्वरोजगार योजना’ का विस्तार, 200 नए प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी
देहरादून, 2 मई: राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, धामी सरकार ने ‘मुख्यमंत्री सौर ऊर्जा स्वरोजगार योजना’ के तहत 200 नए सोलर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी प्रदान की है। 2 मई को सचिवालय में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने यह ऐतिहासिक फैसला लिया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के दूरदराज के पहाड़ी इलाकों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना और स्थानीय युवाओं को उनके ही गांव में उद्यमी बनने का अवसर प्रदान करना है।

इस नई घोषणा के तहत, 25 किलोवाट से लेकर 200 किलोवाट तक के सोलर प्लांट लगाने वाले युवाओं को सरकार की ओर से दी जाने वाली सब्सिडी की राशि को बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा, बैंकों से ऋण लेने की प्रक्रिया को पूरी तरह से सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए ऑनलाइन और पारदर्शी कर दिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “हमारा लक्ष्य उत्तराखंड को भारत का सबसे स्वच्छ और हरित राज्य बनाना है। सौर ऊर्जा के इस विस्तार से न केवल हमारे गांवों में 24 घंटे बिजली रहेगी, बल्कि हमारे युवा बिजली का उत्पादन कर उसे ग्रिड को बेचकर अच्छी आमदनी भी कर सकेंगे।” सरकार का अनुमान है कि इस चरण के विस्तार से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 5000 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही, सरकारी इमारतों और स्कूलों में भी सोलर पैनल लगाने का काम तेजी से चल रहा
है।