उत्तराखंड में आज मनाया जाएगा यूसीसी दिवस, सीएम धामी बोले—सामाजिक समानता की दिशा में ऐतिहासिक कदम

देहरादून: उत्तराखंड में आज समान नागरिक संहिता (यूसीसी) दिवस मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश की जनता से यूसीसी लागू करने का जो वादा किया था, उसे अपने संकल्प के अनुरूप पूरा किया है। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय बताया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में आयोजित पहले देवभूमि यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) दिवस समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जिसने समान नागरिक संहिता को लागू किया है। यूसीसी लागू होने के बाद देशभर में उनसे यह पूछा गया कि इस विचार की शुरुआत कैसे हुई, जिस पर उन्होंने कहा कि आज़ादी के बाद जिन महत्वपूर्ण कार्यों को किया जाना चाहिए था, उनमें यूसीसी भी एक आवश्यक कदम था।

सीएम धामी ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति सामाजिक समानता पर आधारित रही है। उन्होंने गीता का श्लोक उद्धृत करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने भी समान दृष्टि की बात कही है—“मैं न किसी का शत्रु हूं, न मित्र, सभी को समान भाव से देखता हूं।” यही भावना भारतीय संविधान में भी निहित है। उन्होंने बताया कि संविधान निर्माताओं ने अनुच्छेद 44 में सभी नागरिकों के लिए समान कानून की व्यवस्था की थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति करने वालों ने कभी इस दिशा में गंभीरता से विचार नहीं किया। सरकार ने यूसीसी को इसलिए लागू किया क्योंकि यह उसका पहला और प्रमुख संकल्प था। उन्होंने कहा कि शुरुआत में विरोध और उपहास भी हुआ, लेकिन उन्हें अपने निर्णय पर पूरा विश्वास था।

सीएम धामी ने बताया कि उत्तराखंड में यूसीसी लागू होने के एक वर्ष पूरे हो चुके हैं। इसी अवसर पर राज्यभर में यूसीसी दिवस मनाने का निर्णय लिया गया है। इस दिन प्रदेश के सभी जनपदों के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम, जनसंवाद और महिला सशक्तीकरण से जुड़े आयोजन किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूसीसी महिला सशक्तीकरण, सामाजिक समानता और सभी नागरिकों की सुरक्षा की दृष्टि से एक ऐतिहासिक और दूरगामी प्रभाव वाला कदम साबित हुआ है।

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