चमोली पुलिस की बड़ी कामयाबी, धुर नक्सली इलाके से साइबर ठग को दबोचा

चमोली। आजकल हमारे डिजिटल जीवन को सुरक्षित करने में एक छोटी सी चूक साइबर अपराधी के लिए द्वार खोल सकती है । ठगों द्वारा कंपनियों में निवेश कर लाभ कमाने का लालच देकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी की जा रही है। इसी क्रम में 10.01.2022 को लक्ष्मण सिंह पुत्र  राजेन्द्र सिंह, निवासी- पगना,घाट चमोली द्वारा कोतवाली चमोली पर आकर तहरीर दी की  कि माई ऑक्सीजन कम्पनी की वेबसाईट पर मेरे द्वारा CSP CUSTOMER SERVICE POINT के लिए रजिस्ट्रेशन किया गया था।  21/12/2021 को मुझे 9800359957 नंबर से फोन आया तथा मुझसे  CSP लेने के लिए और रजिस्ट्रेशन व सिक्योरिटी मनी के रुप में अलग- अलग खातों में 1,49,400(एक लाख उनचास हजार चार सौ रुपये) की धोखाधड़ी की गयी।

शिकायत के आधार पर कोतवाली चमोली में मु0अ0सं0 03/2022 धारा 420 भादंवि पंजीकृत किया गया। जिसकी विवेचना चौकी प्रभारी घाट सुमित चौधरी द्वारा की जा रही थी। श्रीमती श्वेता चौबे पुलिस अधीक्षक चमोली  द्वारा उक्त प्रकरण में धोखाधड़ी करने वाले अभियुक्तों की तलाश व गिरफ्तारी हेतु विशेष पुलिस टीम गठित की गयी। अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु गठित पुलिस टीम को बिहार रवाना किया गया। सर्विलांस सैल द्वारा दी गई सूचना/लीड व तीन बैंक खातों की KYC की जानकारी के आधार पर पुलिस टीम जिला मुंगेर पहुंची। खाता धारक व मोबाइल नंबर की जानकारी के आधार पर प्रकाश में आये अभियुक्त नन्दुकुमार पुत्र  रामबहादुर पासवान निवासी बौखड़ा जिला मुंगेर (बिहार) के घर पहुंचे। । पूछताछ करने पर कोई संतोषजनक उत्तर नही दे पाया। आवश्यक पूछताछ हेतु उपरोक्त को थाना धरहरा लाया गया। जहां अभियुक्त नन्दुकमार से खाताधारक संख्या 110010755947 में  24/12/21 को 20,000 रुपये  27/12/21 को 16,800 रुपये के बारे व अभियुक्त के मोबाइल नंबर 9534764184 अन्य दो खाता संख्या में पूछताछ पर कोई सही जानकारी नही दे पाया। वादी द्वारा बताये गये खाता संख्या से पुष्टि होने पर तीन खातों में कुल 72,600 रुपये की धनराशि स्थानांतरण की गयी। नन्दुकुमार का मोबाइल नंबर तीनों बैंक खातों में घटना के समय प्रयुक्त किया गया। उक्त व्यक्ति के पास से धोखाधड़ी में प्रयुक्त TECNO K26 मल्टीमीडिया व INTEL कंपनी का कीपैड फोन प्राप्त हुआ। जिसके बाद मुअसं 03/2022 वादी लक्ष्मण सिह के खाते से एक लाख उनचास हजार चार सौ रुपये विभिन्न खाते में की गयी ट्रांजेक्शन डिटेल्स दिखायी गयी तो यह कोई भी जानकारी स्पष्ट रुप से नही दे सका। धोखाधड़ी के सम्बन्ध में स्पष्ट जानकारी न देने पर अभियुक्त उपरोक्त को मुंगेर (बिहार) से गिरफ्तार कर स्थानीय न्यायालय से ट्रांजिट रिमाण्ड प्राप्त कर उत्तराखण्ड़ लाया गया।

पुलिस अधीक्षक  श्रीमती श्वेता चौबे  द्धारा जनता से अपील की गयी है कि –

◆ ऑनलाइन जॉब दिलाने वाली वेबसाईट पर रजिस्ट्रेशन के उपरान्त यदि आपको फोन कॉल/वाट्सअप्प के माध्यम से चयनित होने/नौकरी प्राप्त करने के लिए धनराशि की मांग की जाती है तो सतर्क हो जायें, किसी भी प्रकार की धनराशि जमा करने से पूर्व भली प्रकार जांच(भौतिक सत्यापन) अवश्य कर लें।

◆ कस्टमर केयर से बताकर फोन करने वाले व्यक्ति की बातों में न आये और न ही उसे अपने बैंक संबंधी जानकारी साझा करें।

◆ कोई भी शक होने पर तत्काल नजदीकी थाने या वर्चुअल पुलिस स्टेशन को सम्पर्क करें व आर्थिक साइबर अपराध होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सम्पर्क करें।

साइबर ठगों के विरुद्ध पुलिस की इस सफलता के लिए पुलिस अधीक्षक  द्वारा पूरी टीम की सराहना करते हुए उत्साहवर्धन हेतु टीम को 2,500 रुपए का पारितोषिक प्रदान किया गया। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक सुमित चौधरी और कांस्टेबल बनवीर शामिल रहे।

 

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