
कोरोना बीमारी या साजिश
पूरी दुनिया में तबाही लाने वाले कोरोना का ना तो कोई तोड़ मिला और ना ही मिलने के कोई आसार दिखाई दे रहे है। हर देश की सरकार बस अब जुट गई तो कोरोना की वैक्सीन लगाने में, नित नई – नई वैक्सीन निकल रही है। वो जनता को लगाई जा रही है, कभी कैंप लगा कर तो कभी घर – घर सर्वे करा के।
एक बात समझ नहीं आयी कि पूरी दुनिया में, हमारे देश में और भी परेशानियां हैं, उनकी तरफ कभी इतना ध्यान नही दिया गया। आज से पहले और भी बीमारियां देश दुनिया मे फैली है, तब तो कोई भी इतना चौकन्ना नही हुआ। हर साल ना जाने कितने मरीज मलेरिया से , टाइफाइड से मरते है। कभी कोई कार्रवाई नही की गयी। ये ऐसी कौन सी बीमारी है कि इसकी तरफ इतना ध्यान दिया जा रहा है। पहले जब ये शुरुवात में आई थी तो पूरा देश, दुनिया बन्द हो गयी। लॉकडाउन से पूरे देश दुनिया को ढक दिया गया, फिर दोबारा खोला गया। उसके बाद आज भी पूरे देश में पूरी दुनिया मे काफी केस कोरोना के दिखाए जा रहे है लेकिन जन जीवन तो सही चल रहा है हल्की फुल्की कड़ाई की जाती है लेकिन खुला हुआ सब है कोई दिक्कत नही, अब मुद्दा यह है कि ये बीमारी है या कोई राज, हमारी सरकारें कोरोना की वैक्सीन लगवाने के लिए इतनी उत्सुक है कि पब्लिक प्लेस पर लोगों को जाना बंद करवा दिया, या तो वैक्सीन लो नही तो घर में रहो। और अब बात कोर्ट तक पहुँच गयी तो कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है कि वैक्सीन लगवाना इतना जरूरी क्यों है, या तो जिनको वैक्सीन लग गई वो इस बीमारी से बच गए, ये सुनिश्चित किया जाए, या जिनको वैक्सीन नही लगी उनकी वजह से ये बीमारी बढ़ रही है या उनको किसी प्रकार का खतरा है , लेकिन हमारी सरकार के पास इन दोनों ही बातों का कोई जवाब नही था। इसका क्या मतलब समझा जाए, सीधी सी बात है कि ये बीमारी हो या ना हो, कोई झोल जरूर है, वो क्या है कुछ पता नही। हर साल किसी ना किसी बीमारी से काफी संख्या में लोग मरते थे, लेकिन जबसे कोरोना आया,तब से मौत के सारे आंकड़े कोरोना से दिखाए गये, क्यों कोरोना बीमारी के आते ही सारी बीमारी कहां चली गयी, या पिछले 2 सालों में कोई बीमारी हुई ही नही, सच क्या है सब जानना चाहते है। ये सबका अधिकार भी है। सरकारों को देश को, दुनिया को, कोर्ट को जवाब देना होगा। सत्य से रूबरू कराना होगा कि कोरोना कोई बीमारी है भी या नही…।
🔵अंजलिरुहेला
अंबेहटा पीर (सहारनपुर)