गीत

मेरी जिंदगी के पल जो तूने…

मेरी ज़िन्दगी के जो पल तूने छीने है

याद रखना तुझको भी वही जीने है।।

लेना देना रस्मे नाते ये चलेंगे जीवनभर

पर तेरे लिए प्यार ना बचा अब रत्तीभर।।

अपने हर पल को जीया मेरे से पहले तूने

बारी मेरी आयी तो दिया प्यार का जहर तूने।।

समझ मुझे अब आने लगा है खेल तेरा

जरूरत को तूने अपनी बताया प्यार मेरा।।

मेरी मासूमियत का ये जो फायदा उठाया है

बोली सी ‘गुड़िया’ को प्यार में जलाया है।।

सच्चा प्यार था तेरा तो बचा अब कुछ क्यों नही

एक दिल की आह को दिल से लगाया क्यों नही।।

दिल मेरा आज जो ये रोता है ना

सब्र का एक घूंट रोज पीता है ना।।

बदल जाएगी अब ये जिंदगी भी मेरी

जहां अब जगह ना होगी इसमें तेरी।।।

🔴 अंजलिरुहेला

अंबेहटा पीर(सहारनपुर)

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