उत्तराखंड चारधाम यात्रा में पहली बार पीजी डॉक्टरों की तैनाती, श्रद्धालुओं को मिलेगी बेहतर चिकित्सा सुविधा

उत्तराखंड की चारधाम यात्रा इस वर्ष कई मायनों में विशेष होने जा रही है। पहली बार यात्रा मार्गों पर पोस्ट ग्रेजुएट (PG) डॉक्टरों की तैनाती की एनएमसी (राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग) से स्वीकृति मिल गई है। यह कदम न केवल तीर्थयात्रियों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेगा, बल्कि प्रशिक्षु डॉक्टरों को हाई हिमालयी क्षेत्र में काम करने का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त होगा।

पीजी डॉक्टरों की तैनाती से बेहतर चिकित्सा सुविधा
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि एनएमसी की अनुमति के बाद अब देशभर के मेडिकल कॉलेजों से एमडी, एमएस और डीएनबी करने वाले पीजी डॉक्टर चारधाम यात्रा के दौरान चिकित्सा सेवा देने के लिए आगे आ रहे हैं। इस सेवा का हिस्सा बनने वाले डॉक्टरों को डिस्ट्रिक्ट रेजीडेंसी प्रोग्राम (DRP) के तहत तैनात किया जाएगा, और उन्हें इसके लिए अलग से कोई ट्रेनिंग लेने की आवश्यकता नहीं होगी।

यात्रा मार्ग पर विशेषज्ञ चिकित्सा सेवा
इस कदम से तीर्थयात्रियों को न केवल प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं, बल्कि विशेषज्ञ चिकित्सा परामर्श भी उपलब्ध होगा। चारधाम यात्रा के दौरान पीजी डॉक्टरों की तैनाती से हाई एल्टीट्यूड मेडिसिन, आकस्मिक चिकित्सा और आपातकालीन परिस्थितियों में इलाज जैसी सेवाएं मिलेंगी। डॉक्टरों को यात्रा के दौरान उन कठिन परिस्थितियों का सामना करने का मौका मिलेगा, जो किसी भी सामान्य चिकित्सा सेवा से परे हैं।

पीजी डॉक्टरों के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण का अवसर
इस पहल से युवा डॉक्टरों को चुनौतीपूर्ण पर्यावरण में काम करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा, जो उनके पेशेवर कौशल को और बेहतर बनाएगा। यह पहल न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा के लिहाज से यात्रा को और अधिक मजबूत बनाएगी, बल्कि यह डॉक्टरों के लिए भी एक बेहतरीन अवसर होगा, जहां वे उच्च हिमालयी क्षेत्रों में काम करने का वास्तविक अनुभव प्राप्त करेंगे।

राज्य सरकार का विशेष आग्रह
राज्य सरकार ने एनएमसी से आग्रह किया था कि चारधाम यात्रा जैसे बड़े और विशेष अवसर पर पीजी डॉक्टरों की स्वैच्छिक तैनाती की अनुमति दी जाए, ताकि श्रद्धालुओं को न सिर्फ सामान्य चिकित्सा सहायता, बल्कि विशेषज्ञ चिकित्सा भी मिल सके।

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