देहरादून : सिलक्यारा सुरंग हादसे के डेढ़ साल बाद बड़ी सफलता मिली है। नवंबर 2023 में हुए भूस्खलन के दौरान सुरंग में पसरे 60 मीटर मलबे को कार्यदायी संस्था नवयुगा कंपनी ने सफलतापूर्वक हटा दिया है। इस उपलब्धि से अब सुरंग निर्माण कार्य को गति मिलने की उम्मीद है।
एनएचआईडीसीएल (राष्ट्रीय राजमार्ग और ढांचागत विकास निगम लिमिटेड) के अधिकारियों ने बताया कि मलबा निर्माण कार्य में सबसे बड़ी बाधा बन चुका था। अब इसके हटने से मुख्य सुरंग की खुदाई के शेष 30 मीटर हिस्से पर तेजी से काम शुरू किया जाएगा।
2023 की दर्दनाक घटना
नवंबर 2023 में सिलक्यारा सुरंग में निर्माण कार्य के दौरान अचानक मलबा गिर गया था, जिसमें 41 मजदूर सुरंग के भीतर फंस गए थे। यह घटना देशभर की सुर्खियों में रही थी। लगातार 17 दिनों तक चले चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, लेकिन सुरंग के अंदर गिरे मलबे को हटाना तब संभव नहीं हो पाया था।
एक साल बाद मिली सफलता
लगभग एक वर्ष की कठिन मेहनत, इंजीनियरिंग तकनीक और कर्मचारियों के अथक प्रयासों के बाद 60 मीटर लंबे मलबे को पूरी तरह हटाने में सफलता मिली है। इससे निर्माण एजेंसी और एनएचआईडीसीएल दोनों के अधिकारी उत्साहित हैं।
एनएचआईडीसीएल के जीएम आरके सिंह ने बताया, “अब सुरंग के आरपार करने का कार्य तेजी से आगे बढ़ेगा। हमारा लक्ष्य है कि अप्रैल मध्य तक सुरंग को पूरी तरह जोड़ दिया जाए। मलबा हटने से निर्माण की राह आसान हो गई है।”
भविष्य की दिशा
अब जब बाधा हट चुकी है, तो परियोजना में गति आने की उम्मीद है। सुरंग के निर्माण से उत्तरकाशी और यमुनोत्री के बीच आवागमन सुगम होगा, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ तीर्थयात्रियों को भी राहत मिलेगी।