देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दुर्गम क्षेत्रों को प्राथमिकता देने की नीति के तहत देहरादून जिला प्रशासन सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। विशेषकर जौनसार-बावर जैसे दूरस्थ इलाकों में सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए बहुआयामी प्रयास किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि दुर्गम इलाकों में सरकार की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
डीएम ने बताया कि प्रशासन बहुउद्देशीय शिविरों, जनसंवाद कार्यक्रमों और नियमित क्षेत्रीय भ्रमणों के माध्यम से जनता से सीधे जुड़कर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता यह है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ लाभार्थियों तक पहुंचे।
साहिया में केंद्रीय विद्यालय के लिए प्रयास तेज
साहिया क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना को लेकर भी प्रक्रिया जारी है। डीएम बंसल ने बताया कि विद्यालय के लिए प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया था, जिसे आवश्यक सुधारों के बाद पुनः प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विद्यालय की स्थापना से स्थानीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी और क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होगी।
गौ सेवा संरक्षण समिति को 2.5 लाख की सहायता
साहिया में आयोजित गौ सेवा संरक्षण समिति के वार्षिक सम्मेलन में जिलाधिकारी ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने समिति को ढाई लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की। इसके साथ ही, गौपालन के लिए भूमि हस्तांतरण संबंधी प्रस्ताव शासन को भेजने की घोषणा भी की।
डीएम ने कहा, “गौ संरक्षण केवल धार्मिक दायित्व नहीं, बल्कि हमारे स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ा हुआ विषय है।”
सम्मेलन में मौजूद रहे गणमान्य व्यक्ति
इस अवसर पर पूर्व आईपीएस जगत राम जोशी, उप जिलाधिकारी गौरी प्रभात, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षा, गौ सेवा संरक्षण समिति के अध्यक्ष राकेश चौहान, सचिव सतपाल राय, सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधि और नागरिक मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने क्षेत्रवासियों की सक्रिय भागीदारी और सहयोग के लिए आभार जताते हुए भरोसा दिलाया कि प्रशासन क्षेत्र के सतत विकास और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।