देहरादून : राज्य कर विभाग द्वारा प्रदेशभर में चलाए जा रहे विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत 3,000 से अधिक व्यापारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। इन व्यापारियों पर जीएसटी रिटर्न दाखिल न करने या बकाया राशि जमा न करने का आरोप है। विभाग ने अब तक 31.61 करोड़ रुपये की बकाया वसूली करते हुए इन व्यापारियों के जीएसटी पंजीकरण निलंबित कर दिए हैं।
22 मार्च से चल रहा है अभियान
यह अभियान 22 मार्च 2025 से शुरू किया गया था, जब शासन स्तर पर राजस्व संग्रहण की समीक्षा के बाद निर्देश जारी किए गए थे। इसके तहत बकाया दबाए बैठे व्यापारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया था। महज 9 दिनों में विभाग ने राज्यभर में व्यापक स्तर पर कार्रवाई करते हुए 20.72 करोड़ रुपये की बकाया वसूली की है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में भी सख्ती
राज्य कर विभाग की प्रवर्तन इकाइयों ने 83 मालवाहक वाहनों को चेकपोस्टों पर रोका और 2.15 करोड़ रुपये की वसूली की। इसके अलावा सीमावर्ती क्षेत्रों की जांच में 6.23 करोड़ रुपये की जीएसटी वसूली गई। वहीं, ऑडिट इकाइयों द्वारा की गई दस्तावेज जांच से 1.64 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वसूली हुई है।
रिटर्न न भरने वालों से भी वसूली
जीएसटी रिटर्न न दाखिल करने वाले व्यापारियों से अलग से 86 लाख रुपये की वसूली की गई है, जो विभागीय सतर्कता और जांच की गंभीरता को दर्शाता है।
कड़ा संदेश: नियमों की अनदेखी नहीं होगी सहन
राज्य कर आयुक्त अहमद इकबाल ने बताया कि अभियान के दौरान 3,000 से अधिक व्यापारियों के जीएसटी पंजीयन निलंबित किए गए हैं और यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा, “जो व्यापारी जीएसटी कानूनों का उल्लंघन कर रहे हैं, उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। राजस्व की चोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
जनता और व्यापारियों से अपील
विभाग ने व्यापारियों से अपील की है कि वे समय पर जीएसटी रिटर्न दाखिल करें और बकाया राशि का भुगतान करें, ताकि किसी प्रकार की कार्रवाई से बचा जा सके। साथ ही, जनता को भी सतर्क रहने और पंजीकृत विक्रेताओं से ही खरीदारी करने की सलाह दी गई है।